संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। प्रस्तावित 15 महीने में साढ़े 7 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली अर्बन पॉलीक्लीनिक सेंटर की बिल्डिंग का दो साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। इस कारण इलाके के मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों को बेहतर इलाज के लिए पंचकूला या अन्य जगहों पर इलाज के लिए जाना पड़ रहा है।
दरअसल पिंजौर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर को अपग्रेड कर अर्बन पॉलीक्लीनिक सेंटर में तब्दील तो कर दिया गया, लेकिन मौजूदा हालात यह हैं कि अभी भी सेंटर पर मरीजों को ठीक से उपचार नहीं मिल पा रहा है। यहां न तो एक्सरे की सुविधा है, न ही अल्ट्रासाउंड की। अस्पताल में हड्डियों सहित अन्य बीमारियों के विशेषज्ञ डाॅक्टर भी नहीं है। एक्सरे भी करवाना है तो मरीजों को इधर-उधर के धक्के खाने पड़ते हैं। सड़क दुर्घटना आदि में भी केवल यहां प्राथमिक उपचार दिया जाता है। इसके बाद मरीज को पंचकूला या अन्य अस्पताल रेफर किया जाता है।
बता दें कि पुराने भवन में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं थीं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग की ओ से प्राइमरी हेल्थ सेंटर को अपग्रेड कर इसे अर्बन पॉलीक्लीनिक सेंटर में बदलने का निर्णय लिया गया था।
करीब दो साल पहले अर्बन पॉलीक्लीनिक बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था। करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से 45 हजार स्क्वेयर फीट में इसका निर्माण होना था। बेसमेंट सहित पांच मंजिला बिल्डिंग का निर्माण होना था जिसे प्रस्तावित 15 महीने में पूरा होना था। इस भवन के बनने के बाद मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा होना था। लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी बिल्डिंग पूरी तरह बन कर तैयार नहीं हो पाई। इस कारण प्राइमरी हेल्थ सेंटर अभी भी मरीजों के लिए केवल रेफरल सेंटर ही बना हुआ है।
अभी फिलहाल पुराने सेंटर की बिल्डिंग में मरीजों के लिए छह बेड की ही सुविधा है। इस भवन के बनने के बाद अर्बन पॉलीक्लीनिक सेंटर में 30 बेड की व्यवस्था हो जाएगी। इसके अलावा लैब सहित एक्स-रे आदि की सुविधा भी यहीं उपलब्ध हो जाएगी। अस्पताल के अर्बन पॉलीक्लीनिक सेंटर में अपग्रेड होने से लोगों को अनेक सुविधाएं मिलेंगी। लोगों ने विधायक सहित प्रशासन से मांग की है कि इस बिल्डिंग को जल्द से जल्द पूरा करवा कर सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं।