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नगर निगम की बैठक में हंगामा : कांग्रेस-जजपा पार्षदों ने एजेंडा फाड़ा, भाजपा ने किया पास

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हंगामा करते हुए। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। सेक्टर-14 स्थित किसान भवन में शुक्रवार को आयोजित नगर निगन सदन की पांचवीं बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी और जजपा पार्षदों के साथ भाजपा पार्षदों में बहस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। इतना ही नहीं जजपा और कांग्रेसी पार्षद अपनी सीट से उठकर सदन के अध्यक्ष मेयर कुलभूषण गोयल, विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और सांसद रतन लाल कटारिया की सीट तक पहुंच गए। कांग्रेसी और जजपा पार्षदों ने करीब 10 बार पूछा कि पेड पार्किंग को बिना सदन की बैठक में पास करवाए कैसे लागू कर दिया गया।
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पार्षदों ने निगम अधिकारियों से ये भी पूछा कि एजेंडा तैयार करने का क्या नियम है। एजेंडा तैयार करने से पहले पार्षदों से सुझाव क्यों नहीं मांगे गए लेकिन, विपक्षी पार्षदों के एक भी सवाल का जवाब अधिकारी नहीं दे पाए। एक तरफ जहां कांग्रेसी और जजपा पार्षद हंगामा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर मेयर और भाजपा पार्षदों ने सदन की कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए विकास कार्यों से संबंधित कुल 27 एजेंडे को पास कर दिया। इससे विपक्षी दल के पार्षदों का पारा और बढ़ गया। गुस्साए पार्षदों ने एजेंडे की कॉपी को फाड़कर जमीन पर फेंक दिया और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख मेयर कुलभूषण गोयल ने बैठक समाप्त होने की घोषणा कर दी। बैठक में निगम कमिश्नर धर्मवीर सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर संजय गर्ग, एससी विजय नेहरा, एचएसवीपी के ईओ राकेश संधू मौजूद थे।
40 मिनट में ही सदन की बैठक हुई समाप्त
नगर निगम सदन की बैठक बाद दोपहर तीन बजे किसान भवन में प्रस्तावित थी, लेकिन 3.20 बजे मीटिंग शुरू हुई लेकिन, हंगामे के चलते बैठक चार बजे समाप्त हो गई। जैसे ही मेयर ने बैठक का आगाज किया और पिछले एजेंडे के विकास कार्यों की समीक्षा की घोषणा की कांग्रेसी पार्षद सलीम दबकौरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में सामुदायिक केंद्र नाम का है। क्योंकि, सामुदायिक केंद्र में बिजली-पानी और सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। निगम द्वारा जिस भी कर्मचारी को देखरेख के लिए रखा गया है वह गैरहाजिर ही रहता है। इसके बाद कांग्रेसी पार्षद संदीप सोही खड़े हो गए और उन्होंने सामुदायिक केंद्र की कमेटी के सदस्यों पर आपत्ति जताते कहा कि उनके वार्ड में तीन सामुदायिक केंद्र है, लेकिन कमेटी में उस क्षेत्र के एक भी व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया है, जबकि दूसरे क्षेत्र के लोगों को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। वहीं, कांग्रेसी पार्षद अक्षयदीप चौधरी और पंकज वाल्मीकि ने बैठक का विरोध करते हुए कहा कि विकास कार्य केवल कागजों में हो रहा है। इस भी कार्य के लिए वह निगम अधिकारियों को पत्र लिखते हैं वह कार्य नहीं होता है। वहीं, जजपा पार्षद राजेश कुमार ने अभयपुर में सामुदायिक केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर मेयर ने जवाब दिया कि अभी क्षेत्र में निगम की जमीन खाली नहीं है।
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किसी भी मार्केट में नहीं लागू होने देंगे पेड पार्किंग
जजपा पार्षद सुशील गर्ग ने सदन की बैठक में उपस्थित मेयर कुलभूषण गोयल, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, सांसद रतन लाल कटारिया, निगम कमिश्नर धर्मवीर सिंह, ज्वाइंट निगम कमिश्नर संयम गर्ग, डिप्टी निगम कमिश्नर दीपक सूरा से पूछा कि सेक्टर-14 और सेक्टर-20 में पेड पार्किंग को किस नियमों के तहत लागू किया गया है। क्या पेड पार्किंग लागू करने से पहले इसे सदन की बैठक में पास करवाना अनिवार्य नहीं था। लेकिन, सदन में उपस्थित निगम का एक भी अधिकारी सवालों का जवाब नहीं दे पाया। मेयर कुलभूषण गोयल ने कहा कि शहर के विकास के लिए फंड की जरूरत है और फंड एकत्रित करने के लिए ही कमेटी की सहमति से पेड पार्किंग को लागू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कमेटी ने सहमति जताई है उसमें सुशील गर्ग भी शामिल हैं। इस पर जजपा पार्षद सुशील गर्ग ने कहा कि सहमति जरूर जताई थी, लेकिन पेड पार्किंग को लागू करने से पहले सदन में पास करवाना चाहिए था। यदि ऐसे ही कार्य होते रहे तो निगम सदन बैठक का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। इसी बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
सदन कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेसी पार्षदों ने बुलाई कांफ्रेंस
सदन की कार्रवाई से नाखुश कांग्रेसी पार्षदों ने शनिवार को सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप में दोपहर 12 बजे एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। इसमें पार्षद अपनी आगामी रणनीति का खुलासा करेंगे। विपक्ष के नेता सलीम दबकौरी ने कहा कि वह भाजपा की मनमर्जी नहीं चलने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य केवल कागजों में ही हो रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी केवल भाजपा पार्षदों की ही सुनवाई कर रहे हैं। निगम अधिकारी कांग्रेस और जजपा पार्षदों की शिकायत पर गंभीरता से नहीं लेते हैं। वह आज की बैठक का बहिष्कार करते हैं। भाजपा सत्ता में है वह कुछ भी कर सकती है, लेकिन नियमों के खिलाफ होने वाले कार्य का विरोध जरूर करेंगे।
तीन एजेंडा में किया फेरबदल
भाजपा पार्षद हरेंद्र मलिक के आह्वान पर मेयर ने तीन एजेंडे में बदलाव भी किया। पार्षद मलिक ने कहा कि वीटा बूथ मालिकों से प्रतिमाह किराया 10 हजार रुपये की जगह 5 हजार रुपये किराया वसूला जाए। इसके अलावा सेक्टर के अंदर पैदल रेहड़ी पर सामान रखकर बेचने वालों से तीन हजार और मोटर रेहड़ी वालों से पांच हजार रुपये लिया जाए। इसके अतिरिक्त एक सेक्टर में 10 रेहड़ी वालों को ही सामान बेचने की इजाजत दी जाए। इस पर मेयर कुलभूषण गोयल ने सहमति जताते हुए एजेंडे को पास कर दिया।
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