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चुनावी राज्यों तक सीमित रहा केंद्रीय बजट : मनप्रीत

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चंडीगढ़। पद्म पुरस्कारों की तरह केंद्रीय बजट को चुनाव वाले राज्यों पर केंद्रित करार देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय बजट में पूरे उत्तरी भारत को फिर नजरंदाज कर दिया गया है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि केंद्रीय बजट का सियासीकरण अब बेमिसाल स्तर पर पहुंच गया है।
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केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बादल ने कहा कि लगता है कि पद्म पुरस्कारों, जिनका 30 प्रतिशत इस वर्ष चुनाव वाले पांच राज्यों को दिया गया है, की तरह ही केंद्रीय बजट भी इन ‘एबीसी’ राज्यों के वोटरों को लुभाने की तरफ केंद्रित है। यह बजट ए (असम), बी (बंगाल) और सी (चेन्नई) और अन्य राज्य, जिनमें चुनाव होने वाले हैं, की तरफ केंद्रित है। मनप्रीत ने सवाल किया कि उत्तरी भारत को क्यों दंड दिया गया है? उन्होंने कहा कि इस बजट में प्राइवेट कंपनियों को बेशकीमती राष्ट्रीय संपत्तियां बेचने संबंधी जोर-शोर से बात की गई है।
खेती और रक्षा क्षेत्र के लिए मामूली बजट रखने पर मनप्रीत बादल ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए कृषि बजट में विस्तार की जरूरत थी क्योंकि यह क्षेत्र पहले ही ग्रामीण विकास बजट में 34 प्रतिशत कटौती का सामना कर रहा है। रक्षा क्षेत्र के लिए बजट में एक प्रतिशत विस्तार किया गया है जबकि देश को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी उत्तरी राज्यों का ध्यान कृषि और रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित है लेकिन एनडीए सरकार की तरफ से ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे को लगातार नजरंदाज किया जा रहा है। यह बजट कृषि, बेरोजगारी, कृषि अराजकता, एमएसपी, राजस्व वृद्धि, मध्यम वर्ग और डिसकाम संबंधी बिल्कुल खामोश है।
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