पंचकूला। भाभी से यौन उत्पीड़न और अश्लील व्यवहार के मामले में जिला अदालत ने 57 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए दो साल की प्रोबेशन पर छोड़ने का आदेश दिया है। इसका अर्थ है कि आरोपी को जेल भेजने के बजाय दो साल तक अच्छे आचरण की निगरानी में रखा जाएगा यदि इस अवधि में उसका व्यवहार सही नहीं रहता, तो उसे दोबारा बुलाकर सजा दी जा सकती है। अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म के प्रयास, हमले की तैयारी के साथ घर में घुसने और धमकी देने के आरोपों से बरी कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने पीड़िता को मुआवजे के रूप में 30 हजार रुपये इलाका मजिस्ट्रेट के पास जमा कराने का निर्देश दिया है। दर्ज एफआईआर के अनुसार, मामला अप्रैल-मई 2022 का है। पीड़िता पति से अनबन के कारण अलग रह रही थी। आरोप है कि पति का छोटा भाई आए दिन उसके साथ अश्लील व्यवहार करता था। वह अर्धनग्न हालत में पीड़िता के घर की सीढ़ियों पर आकर आपत्तिजनक इशारे करता था। पीड़िता ने इसका वीडियो बनाकर अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया था।
परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य
सजा पर बहस के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी की उम्र, कमजोर नजर और परिवार की जिम्मेदारी का हवाला देकर राहत मांगी। आरोपी के परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं और वही अकेला कमाने वाला है। वह मामले में एक महीने जेल में भी बिता चुका है। अदालत ने प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट में आरोपी के चरित्र और रिकॉर्ड को अनुकूल पाने के बाद उसे प्रोबेशन का लाभ दिया।