पंचकूला। जिले में एच1 एन1 यानी स्वाइन फ्लू का एक मामला सकारात्मक आने के बाद रोगियों की जांच तेज कर दी गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने बुखार, जुकाम, शरीर में दर्द और ठंड लगने वाले संदिग्ध रोगियों की जांच के लिए परीक्षण बढ़ा दिया है। वहीं चिकित्सकों को ऐसे रोगियों की रिपोर्ट जल्द तैयार करने को कहा गया है। शनिवार को एमडीसी में 45 वर्षीय व्यक्ति की एन 1 एच 1 की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे घर पर क्वार्टीन किया गया है। परिवार के सदस्यों का भी चेकअप किया गया है।
सिविल अस्पताल में समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. सोनू अरोड़ा ने निर्देश जारी किए हैं। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोगियों की गहन जांच कर रिपोर्ट तुरंत चिकित्सा अधिकारियों से साझा करने को कहा गया है। सिविल अस्पताल में 10 बिस्तरों का पृथक वार्ड बनाया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि स्वाइन फ्लू रोगी की रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद जांच बढ़ा दी गई है और रिपोर्ट में संदिग्ध रोगियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एच1 एन1 एक संक्रामक रोग है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और संपर्क में आने से फैलता है। भीड़भाड़ वाले स्थानों, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों और बच्चों में इसके फैलने का खतरा अधिक रहता है। मानसून और सर्दी के मौसम में इसके मामले अधिक सामने आते हैं।
इस रोग के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, जुकाम, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना, अत्यधिक थकान, उल्टी और दस्त शामिल हैं। कुछ रोगियों में सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। बुखार तीन से चार दिन तक बना रह सकता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह गंभीर रूप ले सकता है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। खांसते और छींकते समय मुंह और नाक पर रुमाल रखें। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और मास्क का प्रयोग करें। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त पानी पिएं। लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें, स्वयं दवा न लें।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क कर दिया है। संदिग्ध रोगियों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में भेजे जा रहे हैं। सिविल अस्पताल में पृथक वार्ड में सभी आवश्यक दवाएं, मास्क और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें और किसी भी लक्षण के दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।