पंचकूला। सेक्टर-11 निवासी बुजुर्ग के बैंक खाते से दो लाख 20 हजार रुपये निकालने का मामला सामने आया है। सेक्टर-5 थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में 73 वर्षीय श्याम सुंदर मलिक ने बताया कि 9 सितंबर 2021 को उनके मोबाइल फोन पर अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई और वह उनके बैंक खातों की डिटेल मांगने लगा। इस पर बुजुर्ग ने आरोपी को बैंक खातों की कोई डिटेल नहीं दी और उसका फोन काट दिया। फोन कटने के कुछ समय बाद ही उनके तीनों बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल दो लाख 20 हजार रुपये निकलने का मैसेज आ गया। इसके बाद बुजुर्ग ने 10 सितंबर 2021 को तीनों बैंक में अपने खाते ब्लॉक करवाकर उनके पैसे वापस दिलवाने की शिकायत दी। साथ ही इसकी शिकायत सेक्टर-14 पुलिस स्टेशन में भी दर्ज करवा दी थी। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के करीब आठ महीने के बाद सात मई, 2022 को पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
शिकायत के बाद एक बैंक नेे लौटाए पैसे
बुजुर्ग ने बताया कि मेरा खाता सेक्टर-17 चंडीगढ़ में एसबीआई की ब्रांच में है, दूसरा एक निजी बैंक में और तीसरा खाता सेक्टर 11 के आईसीआईसीआई बैंक में है। साइबर फ्रॉड होने के 10वें दिन आईसीआईसीआई बैंक ने 45, 446 रुपये वापस मेरे खाते में जमा करवा दिए थे। बाकी के दो बैंकों ने उनके पैसे अभी तक वापस नहीं किए हैं। इसके बाद मार्च में बुजुर्ग ने आरबीआई को मामले की शिकायत दी। इसके बाद एसबीआई बैंक से उन्हें पिछले हफ्ते एक लेटर आया कि वह इस मामले को बंद कर रहे हैं। लेकिन बुजुर्ग ने कहा कि जब एक बैंक पैसा वापस कर सकता है तो बाकी दो बैंक उनके पैसे वापस क्यों नहीं कर रहे हैं।
बुजुर्ग एसएस मलिक ने बताया कि वह सीएजी डिपार्टमेंट से बतौर सीनियर अकाउंट ऑफिसर सेवानिवृत्त हैं। 10 सितंबर 2021 को उन्होंने सेक्टर-14 पुलिस थाना में शिकायत देकर मामला दर्ज करने की गुहार लगाई थी। अब चार दिन पहले मेरे घर पुलिस वाले बयान लेने आए थे तो मैंने कहा कि जो मैने शिकायत दी है वहीं मेरा बयान है। करीब नौ महीने बाद पुलिस ने लापरवाही का रवैया अपनाते हुए मामला दर्ज किया है।
इस मामले में जांच अधिकारी सुरेश पाल ने बताया कि सितंबर 2021 में बुजुर्ग ने शिकायत दी थी कि बैंक कार्रवाई नहीं कर रहा है, इसलिए मामला दर्ज नहीं करने को कहा था। इसके बाद करीब दो महीने पहले उन्होंने मामला दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत दी है। इसके बाद बयान हुए फिर मामला दर्ज किया गया है। एक बैंक ने तो पैसा वापस दे दिया है बाकी के दोनों बैंकों से रिकॉर्ड लिए जाएंगे।