चौथी मंजिल पर जनरेटर चढ़ाते पलटी क्रेन, क्षमता-लोड से लेकर लिफ्टिंग प्लान तक जांच मालिक, चालक, ठेकेदार व साइट प्रबंधन की भूमिका घेरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 के प्लॉट नंबर-310 में चौथी मंजिल पर जनरेटर पहुंचाते समय क्रेन पलटने से दो कर्मचारियों की मौत के बाद अब जांच का दायरा क्रेन चालक से कहीं आगे बढ़ेगा। पुलिस हादसे की कड़ियां जोड़ने के लिए क्रेन की क्षमता, जनरेटर का वजन, मशीन की फिटनेस और लिफ्टिंग प्लान की पड़ताल करेगी। साथ ही यह भी तय होगा कि काम कराने की जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कहां हुई।
हादसे में बिहार निवासी मनीष और जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश निवासी नवीन की मौत हुई है। शुक्रवार को दोनों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बिहार निवासी मनीष के परिजनों के पंचकूला पहुंचने का इंतजार है जबकि नवीन के परिजन पहुंच चुके हैं। सेक्टर-20 थाना एसएचओ यशदीप सिंह ने कहा कि मृतकों के परिजनों के पहुंचने के बाद दोनों परिवारों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कितने टन की क्रेन, कितना था जनरेटर का वजन: जांच में सबसे अहम कड़ी यह होगी कि क्रेन कितने भार के लिए अधिकृत थी और जनरेटर का वास्तविक वजन कितना था। क्रेन को किस ऊंचाई और दूरी तक कितना भार उठाने की अनुमति थी, यह भी देखा जाएगा। इसके साथ क्रेन का फिटनेस प्रमाणपत्र, पंजीकरण, बीमा, रखरखाव रिकॉर्ड और चालक का लाइसेंस जांच के दायरे में रहेगा।
मालिक से साइट मैनेजर तक जिम्मेदारी: हादसे में इस्तेमाल क्रेन कुमार जेनरेटर्स क्रेन सर्विस की बताई जा रही है। चालक बठिंडा निवासी गुरदीता सिंह है। जनरेटर मंगवाने वाली कंपनी मिलीएम्स इंजीनियर सॉल्यूशंस बताई जा रही है, जिसका कार्यालय इसी प्लॉट की दूसरी मंजिल पर है। जांच में क्रेन मालिक, चालक, कंपनी, ठेकेदार, साइट मैनेजर और सुपरवाइजर की भूमिका देखी जाएगी। किसने क्रेन मंगवाई, ऑपरेशन की अनुमति दी और सुरक्षा की निगरानी की, इसका भी पता लगाया जाएगा।
जमीन, जैक और सुरक्षा इंतजाम भी जांच में
क्रेन जहां खड़ी की गई थी वहां जमीन की मजबूती, जैक-सपोर्ट, लिफ्टिंग प्रक्रिया और कर्मचारियों को मिले सुरक्षा उपकरणों की स्थिति जांची जाएगी। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी साक्ष्य बनेंगे।