झुलसे बच्चे अस्पताल में उपचाराधीन। संवाद
पंचकूला। सेक्टर-25 के मकान नंबर-552 में शनिवार दोपहर बाद आग लगने से दो बच्चे झुलस गए। हादसा तब हुआ जब बच्चों के माता-पिता दोनों काम पर गए हुए थे। खेल-खेल में एक बच्चे से चूल्हे का नॉब खुलने की वजह से गैस घर में फैल गई। कुछ देर बाद जैसे ही उनमें से एक बच्चे ने बिजली का स्विच ऑन किया तो घर में आग लग गई। सिलिंडर में गैस कम होने की वजह से आग ज्यादा नहीं फैल सकी। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसियों और घर के पास काम कर रहे लोगों ने आकर उनको बचाया। बच्चों को सिविल अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। आग की लपटों से दोनों बच्चों के हाथ, पैर और चेहरे झुलस गए हैं।
सेक्टर-25 चौकी इंचार्ज सुनीता सिंह ने बताया कि 11 वर्षीय प्रिंस और तीन वर्षीय प्रियांक घर में अकेले थे। बच्चे की मां अमृता भंडारी कोठियों में काम करती है, जबकि पिता कमल भंडारी खाना बनाने का काम करते हैं। हादसे के समय दोनों काम पर गए हुए थे। आग से झुलसे 11 साल के प्रिंस ने बताया कि वह दोपहर में पानी पीने के लिए किचन में गया था। तभी पीछे से छोटा भाई प्रियांक आया और उसने चूल्हे का नॉब ऑन कर दिया। कुछ देर बाद जैसे ही आग लगने से वह झुलस गया। पड़ोसी किरन ने बताया कि दोपहर तीन बजे मकान के अंदर से बच्चों की चिल्लाने की आवाज आने लगी। पड़ोस में एक मकान का निर्माण हो रहा है। वहां मौजूद लोगों ने दोनों बच्चों को बाहर निकाला। रेत डालकर किचन में लगी आग पर काबू पाया।
दोनों बेटे अकेले थे घर पर
पिता कमल भंडारी ने बताया कि वह और उसकी पत्नी अमृता भंडारी सुबह 11 बजे तक काम के लिए निकल गए थे। दोनों बेटे घर में अकेले ही थे। दोपहर तीन बजे पड़ोस के लोगों ने फोन करके घटना की जानकारी दी तो अस्पताल पहुंचे।
इन बातों का रखे ध्यान
घर में छोटे बच्चे हैं तो परिजनों को इन बातों का ध्यान देना चाहिए कि घर से निकलने से पहले गैस सिलिंडर को बंद कर दें। इसके अलावा घर में लाइट का मेन स्विच को बंद कर देना चाहिए, ताकि शॉर्ट सर्किट होने और गैस सिलिंडर लीक होने से आग लगने का खतरा नहीं रहे।