रायपुररानी। श्रवण एवं वाणी विकलांगता केंद्र में कार्यरत करीब 14 माह से वेतन न मिलने के कारण 175 कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार कर्जा लेने के कारण उनके आर्थिक हालात खराब होते जा रहे हैं। कर्मियों का कहना है कि यदि एक माह भी वेतन लेट हो जाए तो पूरा बजट बिगड़ जाता है। अब हालात इस कदर बिगड़ रहे हैं कि कर्जा मिलना भी बंद हो गया है। विभाग के अधिकारी इस मामले में कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। स्टाफ कर्मचारियों से जब भी वेतन की मांग करता है तो विभागीय कार्यवाही करने का डर दिखाकर आवाज दबा दी जाती है। सामाजिक संगठन से जुडे़ लोगों ने जानकारी एकत्रित कर बताया कि कर्मचारियों को वेतन शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व स्वास्थ्य विभाग के विंग से मिलने वाली अनुदान राशि से मिलता है। सन 2019 से इस अनुदान राशि का ज्यादातर हिस्सा वेतन देने की जगह संस्था की चेयरपर्सन की मिलीभगत से अन्य कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। स्टाफ व समाजसेवी संगठनों ने पूरे मामले की राज्यपाल बंड़ारू दत्तात्रेय से जांच करने की मांग की है।
यह हैं पदाधिकारी
सन्-1971 में गठित हरियाणा एवं वाणी विकलांगता कल्याण समिति के गठन के अनुसार प्रदेश में गुरुग्राम, सोनीपत, हिसार, सिरसा, रायपुररानी, करनाल, नगीना व पंचकूला सहित आठ केंद्र खोले गए थे। प्रदेश के राज्यपाल इस समिति के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री हरियाणा उपाध्यक्ष व जिला स्तर पर उपायुक्त जिला अध्यक्ष हैं, लेकिन किसी भी पदाधिकारी और अधिकारी द्वारा इस संबंध में कोई संज्ञान न लिए जाने के कारण आज स्टाफ को अपना ही गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। सूचना के मुताबिक सरकारी विभागों से भारी राशि अनुदान के रूप में मिल रही है, जिसे अन्य कार्यों जैसे रिपेयर, व्हाइट वाश इत्यादि कार्यों में धड़ल्ले से लगाया जा रहा है।
कुछ केंद्रों के कर्मचारियों का वेतन पेंडिंग है। हमें कर्मचारियों की वेतन की चिंता है। - सुनीता खरब, आर्गेनाइजेशन सेक्रेटरी, श्रवण एवं वाणी विकलांगता व निशक्तजन केंद्र