पंचकूला पहुंचा मेजर अनुज राजपूत का पार्थिव शरीर।
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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर स्थित पटनीटॉप से आई इकलौते बेटे अनुज राजपूत की शहादत की खबर माता-पिता पर बिजली बनकर टूटी। एकाएक बेटेे को खोने की खबर से वे बेहाल हो उठे। जैसे तैसे खुद को संभालकर जम्मू रवाना हो हुए। अनुज का परिवार सेक्टर 20 की सोसाइटी नंबर 104 में रहता है।
अनुज राजपूत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई शहादत की खबर से कॉलोनीवासी भी स्तब्ध रह गए। बुधवार को शहीद मेजर अनुज रातपूत का पार्थिव शरीर पंचकूला पहुंचा। पंचकूला के सेक्टर 20 स्थित उनके आवास पर पार्थिव शरीर लाया गया। बेहद गमगीन माहौल में सेक्टर वासियों व स्थानीय लोगों ने शहीद मेजर अनुज राजपूत को दी श्रद्धांजलि।
पूरी कॉलोनी शोक में डूब गई। एडवोकेट कुलभूषण एस. आर्य के घर जन्मे अनुज राजपूत की 12वीं तक पढ़ाई चंडीगढ़ में हुई। उसके बाद एनडीए की पढ़ाई करने देहरादून चले गए। वर्ष 2015 में वह मेजर बन गए थे। 18 सितंबर को 26वां जन्मदिन था। उनकी शहादत की खबर सुनकर परिवार को गहरा धक्का लगा। अनुज राजपूत की शहादत से लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात 12 बजे तक तक लोग उनके निवास के बाहर खड़े उनकी ही बातें करते नजर आए।