पंचकूला। पुलिस ने एक बार फिर मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। दिन की पहचान – एक नेक काम मुहिम के तहत ट्रैफिक पुलिस के मुख्य सिपाही ने घर छोड़ने की जिद पर अड़े 15 वर्षीय किशोर को समझा-बुझाकर उसके परिजनों से मिलवाया।
पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन और डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में यह पहल समाज के लिए प्रेरणा बनी है।
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि 6 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मुख्य सिपाही बलजीत सिंह ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान एक सेक्टर में किशोर को रोते हुए सड़क पर मिले। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह अपने माता-पिता से किसी बात को लेकर नाराज है और घर छोड़कर जा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सिपाही ने किशोर को प्यार से शांत किया और समझाया कि घर छोड़ने से समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने बताया कि संवाद और समझ से मतभेद दूर किए जा सकते हैं।
इसके बाद सिपाही ने किशोर के माता-पिता से संपर्क किया और उन्हें मौके पर बुलाया। कुछ देर में माता-पिता पहुंचे और पुलिस कर्मी ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया। उन्होंने कहा कि परिवार में छोटे-मोटे मतभेद सामान्य हैं, लेकिन उनका हल संवाद और स्नेह से ही संभव है।
अंत में किशोर को सुरक्षित रूप से परिजनों के हवाले किया गया।