पंचकूला। रजनी हत्याकांड मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने मंगलवार को उसके पति समेत तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में रजनी का पति एडवोकेट मनमोहन, उसकी महिला मित्र मोनिका और उसका जीजा संदीप शामिल है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 57-57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस की ओर जुटाए गए सबूतों में महिला की साड़ी ज्वेलरी और शव ले जाने वाली कार बरामद की गई थी। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सजा सुनाई। आरोपी एडवोकेट मनमोहन मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के ताजपुर गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में सेक्टर-19 में रहता है। पत्नी की हत्या की साजिश रचने और अपहरण सहित गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई। अदालत ने 29 सितंबर को दोषसिद्धि का फैसला सुनाया था।
जानिए... क्या है मामला
रजनी एडवोकेट पति और बच्चों के साथ सेक्टर-19 में रहती थी। वह 16 जनवरी 2018 को दोपहर को बच्चों को स्कूल से लाने के लिए घर गई थी। इसके बाद से घर नहीं लौटी। पति मनमोहन ने सेक्टर-19 की चौकी में पत्नी रजनी की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। कुछ दिनों बाद पुलिस ने कॉल डिटेल्स के आधार पर मनमोहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पति मनमोहन ने महिला मित्र मोनिका के साथ रहने के लिए जीजा संदीप के साथ मिलकर रजनी की हत्या कर दी थी। तब मनमोहन ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने पत्नी रजनी के शव को डंपिंग ग्राउंड के पास मिट्टी में दबाया है। जब बताई गई जगह पर खुदाई की गई तो मिट्टी के नीचे से कुत्ते का शव मिला था। महिला का शव वहां नहीं मिला था। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश को अंजाम देने में बुलंदशहर निवासी मोनिका और उसका जीजा संदीप शामिल थे। उस वक्त मोनिका मनीमाजरा में रहती थी जबकि संदीप कैथल का रहने वाला था।