पंचकूला। पहली और दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने युद्धस्तर पर कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी हैं। विभाग तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। ऑक्सीजन प्लांट, बेड की व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों में भी तैयारियों को लेकर विभाग अलर्ट है। तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई है। इसमें डॉक्टरों, कोरोना योद्धाओं को तीसरी लहर के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी दी गई। ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही सिर्फ जिला अस्पताल ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि तीसरी लहर आए तो चिकित्सा तुरंत ही उपलब्ध करवाई जा सके।
पंचकूला में ज्यादा व्यवस्था बच्चों का ध्यान में रखकर की गई है। पंचकूला जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट और बेड की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही अबकी बार कालका, रायपुररानी, नानकपुर और सेक्टर-26 में भी आक्सीजन युक्त बेड तैयार किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में तीस ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही नौ आईसीयू बेड तैयार किए हैं। वहीं कालका में एक हजार लीटर वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है।
रायपुररानी में भी पांच सौ लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगाने की व्यवस्था की जा रही है। कालका, रायपुररानी, नानकपुर और सेक्टर-26 की पॉलीक्लीनिक में ऑक्सीजन पाइपों की फिटिंग के साथ बेड तैयार किए जा रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि सभी बेडों में ऑक्सीजन की सुविधा होगी। प्रयास यह है कि स्थानीय लोगों को चिकित्सा के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े। बताया जा रहा है कि हरेक सेंटर में तीस बेड होंगे।
पांच निजी अस्पतालों से किया संपर्क
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने पांच निजी अस्पतालों से भी संपर्क किया है। प्रयास किया जा रहा है कि बेडों की व्यवस्था ज्यादा से ज्यादा किए जाएं, जिससे आम जनता को परेशानी न हो।
हमारा प्रयास है कि यदि तीसरी लहर आए तो किसी प्रकार की कोई कोताही न हो। इसी वजह से हम तैयारी पूरी कर रहे हैं। इसी को लेकर हमारी मीटिंग हुई थी। इसमें डॉक्टरों को सारी जानकारियां दी गई हैं कि यदि कोई परेशानी होती है, तो उसका सामना कैसे किया जाए। ऑक्सीजन प्लांट, बेड की व्यवस्था पूरी तरह से की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि लोगों को चिकित्सा के लिए ज्यादा दौड़भाग नहीं करनी पड़े। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला