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तीसरी लहर : किडनी-लीवर और डायबिटीज मरीजों पर भारी, एक सप्ताह में 70 फीसदी मरीज अन्य दूसरी बीमारियों से थे पीड़ित

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पंचकूला। कोरोना से दम तोड़ने वालों में किडनी-लीवर और डायबिटीज के मरीजों की संख्या ज्यादा है। एक सप्ताह में 14 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इनमें 70 फीसदी कोरोना संक्रमित मरीज किडनी-लीवर और डायबिटीज के मरीज थे। डॉक्टरों की माने तो डायबिटीज, दिल, किडनी, कैंसर जैसे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी स्वस्थ व्यक्ति के मुकाबले बेहद कमजोर होती है, इसलिए इन मरीजों में कोरोना या इस जैसे दूसरे वायरस की वजह से ज्यादा जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। जिले में कोरोना वायरस के फैलने से डायबिटीज, दिल, किडनी, कैंसर जैसे मरीजों को ज्यादा खतरा है, क्योंकि यहां ऐसे मरीजों की तादाद ज्यादा है। इसके अलावा एक कारण यह भी है कि यहां साफ-सफाई को लेकर ज्यादा जागरूकता नहीं है।
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केस नंबर एक
सेक्टर-20 की 99 साल की बुजुर्ग की मौत कोरोना से हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक बुजुर्ग को करीब 15 साल से किडनी की समस्या थी। महिला को 19 जनवरी को एक निजी अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत और कफ की समस्या की वजह से दाखिल करवाया गया था, उस समय महिला का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था, तो रिपोर्ट पॉजिटिव थी।
केस नंबर दो
सेक्टर-4 निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से मौत हुई है। बुजुुर्ग को पहले से लीवर और किडनी दोनों की समस्या थी। अस्पताल में बुजुर्ग का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर दाखिल करवाया गया था। यूरीन की समस्या के साथ कफ और पेट खराब रहता था। 20 जनवरी को जब बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी तो निजी अस्पताल में दाखिल करवा गया। दाखिल करते समय बुजुर्ग का ऑक्सीजन स्तर करीब 88 था, उसी शाम उनकी मौत हो गई। बुजुर्ग का रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव था।
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केेस नंबर तीन
सेक्टर-14 निवासी 63 वर्षीय बुजुुर्ग किडनी का मरीज था। डॉक्टरों के मुुताबिक बुजुर्ग का डायलेसिस भी चल रहा था। बुजुुर्ग किडनी की बीमारी के साथ टाइप टू डायबिटीज का भी मरीज था। मौत के एक दिन पहले बुजुर्ग की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी। बुजुर्ग का काफी दिनों से इलाज चल रहा था।
केस नंबर चार
सेक्टर-11 निवासी 88 वर्षीय बुजुर्ग की मौत भी कोरोना से हुई है। वह निमोनिया और किडनी के साथ दूसरी कई बीमारियों से ग्रसित था। 9 जनवरी को अस्पताल में दाखिल किया गया था। उपचार शुरू करने से पहले ही बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी।
केस नंबर पांच
सेक्टर-20 निवासी 15 वर्षीय बच्ची की मौत भी कोरोना से हुई है। 22 जनवरी को चेस्ट कंजेशन के साथ सांस लेने दिक्कत की शिकायत पर बच्ची अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां जांच के बाद बच्ची में सार्स कोविड के अलावा एक्यूट क्रोनिक रेनल फेलियर और किडनी की भी दिक्कत थी।
डायबिटिक और किडनी के मरीज रखें सावधानी
- मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें।
- घर पर आइसोलेट रहने की कोशिश करें।
- इमरजेंसी होने पर ही डॉक्टर को दिखाने जाएं।
- हाइजीन का ध्यान रखने के साथ एक चीज को बार बार अलग अलग सदस्य न छुए।
- बार-बार साबुन से अच्छे से हाथ धोते रहें।
- घर पर इस्तेमाल होने वाले हैंडल, टॉवल, रिमोट आदि जैसी चीजों को हफ्ते में सैनिटाइजर से जरूर साफ करें।
- दोस्तों-रिश्तेदारों से ज्यादा नहीं मिलें।
- डायबिटीज के मरीज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। क्योंकि कोरोना के लक्षण सामान्य की तुलना में ज्यादा होते हैं। हाई ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजों में भी इंफेक्शन का खतरा ज्यादा है। उन्हें रूटीन दवाइयां समय पर लेते रहना चाहिए।
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