पंचकूला। 40 साल पुराने राजकीय मिडिल स्कूल सेक्टर-20 कुंडी में कमरों की बेहद कमी है। यहां पहली से आठवीं तक के 950 बच्चे पढ़ने आते हैं। इनके लिए केवल 11 कमरे हैं। बच्चे अधिक होने कारण स्कूल दो शिफ्ट में चलाया जा रहा है। स्कूल में साफ-सफाई का भी अभाव है। आलम यह है कि शिक्षक पैसे इकट्ठा कर सफाई करवा रहे हैं। क्लर्क और स्वीपर की एक-एक पोस्ट खाली है। स्कूल में बैंच भी टूटे हैं। प्रिंसिपल की ओर से दो नए कमरे बनवाने, र्क्लक, स्वीपर के स्टाफ की मांग की गई है, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग की तरफ से स्वीकृति नहीं मिली है। इस कारण बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन नहीं मिल रही है।
राजकीय मिडिल स्कूल सेेक्टर-20 की इंचार्ज मोनिका शर्मा ने बताया कि स्कूल में 26 शिक्षकों का स्टाफ है। बच्चे अधिक होने के बाद स्कूल दो शिफ्ट में चलाया जा रहा है। पहली शिफ्ट छठी से आठवीं तक बच्चे के लिए सुबह 7 से दोपहर 12.30 बजे तक लगता है। इसमें 500 बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। इन बच्चों को 13 शिक्षक पढ़ाते हैं। वहीं, दूसरी शिफ्ट में स्कूल दोपहर 12.40 से शाम 6.15 बजे तक चल रहा है। इस दौरान पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाया जाता है। इन्हेंं भी 13 शिक्षक पढ़ाते हैं।
स्वीपर नहीं होने से बच्चे लगाते हैं झाड़ू
स्कूल में स्वीपर की रेगुलर पोस्ट नहीं होने के कारण विद्यार्थी खुद ही झाड़ू लगा रहे हैं। अमर उजाला की टीम स्कूल 12 बजे पहुंची तो दूसरे शिफ्ट में आने वाले विद्यार्थी स्कूल में दरी बिछाने के लिए झाड़ू लगा रहे थे। इसके साथ ही कई जगह कूड़ा स्कूल के बाहर और अंदर बिखरा था। इस कारण विद्यार्थियों को परेशानी होती है। इसके अलावा पैसे इकट्ठा कर शिक्षक पार्ट टाइम कर्मचारी या बाहर से सफाई कर्मी बुलाकर सफाई करवाते हैं। कई बार कर्मचारी के नहीं होने से स्कूल का टॉयलेट और फर्श गंदा ही रह जाता है।
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दो ऑफिसों में चल रही कक्षाएं
राजकीय मिडिल स्कूल कुंडी में शिक्षकों के लिए दो ऑफिस बनाए गए हैं। इसमें विद्यार्थियोंं की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। इन दोनों कमरों में दूसरी और तीसरी कक्षा के विद्यार्थी पढ़ते हैं। राजकीय मिडिल स्कूल कुंडी का स्कूल 1985 से चल रहा
1985 में बनाया गया था स्कूल
राजकीय मिडिल स्कूल सेक्टर -20 कुंडी का स्कूल वर्ष 1985 में बनाया गया था। इसके बाद छठी से आठवीं तक स्कूल की बिल्डिंग वर्ष 2024 में बनाई गई थी। इसके बाद भी अभी तक स्कूल में दो कमरे की डिमांड की गई है, लेकिन इसके लिए बजट नहीं मिला है। 40 साल पुराने स्कूल में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
स्कूल की ओर से शिक्षा विभाग को दो कमरे और दो कर्मचारियों का प्रपोजल भेजा गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, इसे जल्द पूरा किया जाएगा। -संध्या मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला शिक्षा विभाग