बैठक में सम्मानित करते लोग। संवाद
पंचकूला। हरियाणा में प्रति व्यक्ति शराब की खपत में वृद्धि पर मंगलवार को सिटीजंस अवेयरनेस ग्रुप ने कंज्यूमर वॉयस के सहयोग से सेक्टर-1 के रेड बिशप में एक राउंड टेबल चर्चा आयोजित की। इसमें शराब की रोकथाम और जिम्मेदाराना उपभोग पर चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित पीजीआई चंडीगढ़, आईएमए, रोटरी क्लब, पंजाब विश्वविद्यालय, गेटवे कंसल्टिंग और अन्य प्रमुख चिकित्सा पेशेवर और एनजीओ ने शिरकत की।
हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर की एग्जक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. रत्ना भारती बैठक में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि शराब की रोकथाम की दिशा में काम करने की तत्काल आवश्यकता है। शराब के सेवन पर सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। इसके अलावा यह महत्वपूर्ण है कि विभिन्न हितधारक, जिनमें सिविल सोसाइटी आर्गेनाईजेशन, सरकार और विभिन्न संस्थान शामिल हैं। सभी मिलकर नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने का काम करें।
सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार और पीएमओ डॉ. रीटा कालरा ने भी अपने विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने इस प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले विभिन्न कारकों पर विचार किया। इसमें बदलती जनसांख्यिकी, बेहतर जीवन स्तर, हायर डिस्पोजेबल इनकम, बदलती खर्च की आदतें और शराब पीने के बढ़ते कल्चर और सोशल शामिल हैं। चर्चा के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि उपभोक्ताओं में विभिन्न पेय पदार्थों में शराब की मात्रा और सेवन की सही माप के बारे में सामान्य जागरूकता की कमी है। प्रतिभागियों ने जिम्मेदाराना सेवन को बढ़ावा देने और बेहतर उपभोक्ता शिक्षा की नीतियां विकसित करने के महत्व पर जोर दिया।
सिटीजन अवेयरनेस ग्रुप के अध्यक्ष सुरिंदर वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं, विशेष रूप से युवाओं में जिम्मेदाराना शराब सेवन के बारे में जागरूकता फैलाने की तत्काल आवश्यकता है। हमारा ध्यान शिक्षा और रोकथाम पर होना चाहिए ताकि नागरिकों की भलाई सुनिश्चित हो सके। यह राउंड टेबल चर्चा एक महत्वपूर्ण कदम है।