माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। राजकीय मिडिल स्कूल गांव नाडा में सुविधाओं के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन अभी तक बच्चों के लिए बेंच की सुविधा तक नहीं है। केवल चार कमरे होने के कारण कारण विद्यार्थी बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। बारिश के दाैरान भी विद्यार्थी बरामदे में बैठकर ही पढ़ाई करते हैं। बारिश के बाद मैदान मेंं पानी जमा हो जाता है। इस कारण संक्रमण बीमारी का खतरा बना रहता है। स्कूल के बाहर सफाई की व्यवस्था भी नहीं हैं। इस कारण विद्यार्थियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में छठी से आठवीं तक के 255 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। कमरों में बेंच न होने के कारण विद्यार्थियों को टाट और दरी पर बैठाया जा रहा है। स्कूल और कमरों की की हालत भी दयनीय है, शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बरामदे में सातवीं कक्षा के चल रहे दो सेक्शन
स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षा विभाग से तीन कमरों की मांग की गई है। इसके बाद यहां कमरे नहीं बने हैं। बच्चे टाट और दरी में बरामदे मेंं बैठकर पढ़ रहे हैं। बरामदे में सातवीं कक्षा के दो सेक्शन चल रहे हैं। वहीं, अन्य बच्चों के लिए कमरा नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।
प्रधानाध्यापिका बोलीं- शिक्षा विभाग को दी गई है कम कमरों की जानकारी
राजकीय मिडिल स्कूल गांव नाडा की प्रधानाध्यापिका मंजू रानी ने बताया कि स्कूल के लिए कमरों की मांग जी गई है। वहीं, स्कूल मेंं जमा पानी निकालने के लिए मोटर भी लगाई गई है। कमरे कम होने की जानकारी शिक्षा विभाग को दी गई है। उन्होंने बताया कि स्कूल में वर्ष 1995 से चल रहा है। इसमें पिछले साल एक कमरा पास हुआ है। वहीं अभी कुल चार कमरे ही हैं।
स्कूल के बाहर गंदगी के ढेर
स्कूल के बाहर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इससे हवा दूषित हो रही है। बरसात में यहां मच्छरों की भरमार है जिससे बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
कोट -
गांव नाडा का स्कूल के लिए मांगे गए तीन कमरों के प्रपोजल को जल्द पूरा किया जाएगा। स्कूल में जो भी अव्यवस्था है, उसे ठीक कराया जाएगा। शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। - संध्या मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला