अधिकारियों को निर्देश देते पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य। संवाद
पंचकूला। चोरी, स्नैचिंग, तस्करी, बिना नंबर वाहन चलाने, ट्रिपलिंग करने वालों और इनामी बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। इन लोगों पर नजर रखने के लिए जिले में जल्द 11 नाके लगाए जाएंगे। इसके अलावा 13 पीसीआर और 29 राइडर भी तैनात रहेंगे। जिले में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य ने अधिकारियों की एक बैठक ली।
बैठक में अपराध को रोकने, इनामी बदमाशों और भगोड़ों की जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए गए। बैठक में पुलिस उपायुक्त हिमाद्रि कौशिक, पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं यातायात) मुकेश मल्होत्रा, एएसपी मनप्रीत सिंह सूदन के साथ सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा भी की गई।
बैठक में पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश देकर कहा कि आधुनिक तकनीकी उपकरणों की सहायता से कार्य प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य कार्य अपराध को रोकना है, इसके लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की जांच को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, प्रत्येक मामले की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही उन्होंने भगोड़ों और इनामी बदमाशों की शीघ्र गिरफ्तारी को लेकर क्राइम ब्रांच और थाना प्रभारियों को विशेष जिम्मेदारी दी।
विशेष रणनीति की है तैयार
शहर में वाहन चोरी, स्नैचिंग और सेंधमारी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत 11 नाकों को पूरी तरह सक्रिय करने के आदेश दिए गए हैं। इन नाकों पर पुलिसकर्मी हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखेंगे। विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट वाले वाहन, बाइक पर तीन सवारियों (ट्रिपलिंग) और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए कैमरों और नाकाबंदी के माध्यम से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने आदेश दिया कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
तीन विशेष कंपनियां गठित
शहर में सुरक्षा और निगरानी को अधिक मजबूत करने के लिए जवानों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तीन विशेष कंपनियों का गठन किया गया है। इनको विशेष सुरक्षा उपकरणों और बेहतर प्रशिक्षण के साथ अलर्ट पर रहने के आदेश दिए गए हैं। इन कंपनियों की कमान एसीपी स्तर के अधिकारियों के पास है। बैठक में नशा मुक्त अभियान की भी समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को एनडीपीएस मामलों में अधिक गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में लिप्त केमिस्टों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या की पहचान के लिए गठित टीम से रिपोर्ट मांगी है।