अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि गांवों में मिट्टी और मलबा हटाने व पशु शवों के निस्तारण का काम 24 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सरकार ने बाढ़ में हुए नुकसान संबंधी राहत और पुनर्वास गतिविधियों के समर्थन के लिए 100 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
इसके लिए खर्च सीमा भी निर्धारित की गई है। इसमें 2000 तक की आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए 3 लाख और 2000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए 5 लाख रुपये का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत को पहले 1 लाख जारी किए जाएंगे ताकि वे गांव की गलियों से मलबा हटाने का काम शुरू कर सके। बाढ़ से मलबा आने के कारण पशुओं का व्यापक नुकसान होने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, शवदाह गृह, कम्युनिटी सेंटर और छप्पर सहित सार्वजनिक बुनियादी संरचनाएं भी काफी प्रभावित हुई हैं। विभिन्न कार्यों के लिए सरकार ने समय-सीमा निर्धारित की है, जिसमें मलबा साफ करने और पशु शव निस्तारण कार्य 24 सितंबर तक पूरा करना है। सार्वजनिक संपत्ति की मामूली मरम्मत का कार्य 15 अक्तूबर से पहले पूरा करना है।
बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए फॉगिंग करवाई जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रभावित गांव में कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए विशेष ग्राम सभा बैठकें आयोजित की जाएंगी।