विजिलेंस ने तहसील व डीसी कार्यालय के रिकॉर्ड खंगाले, पर्ल ग्रुप जमीन मामले में जांच तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। रायपुररानी में जमीन रजिस्ट्री घोटाले के आरोपी तहसीलदार विक्रम सिंगला की तीन दिन की रिमांड समाप्त होने के बाद मंगलवार को विजिलेंस टीम ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने के लिए दो दिन की और रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर दिया।
इन दो दिनों में विजिलेंस यह पता लगाएगी कि पर्ल ग्रुप की जमीन से कथित तौर पर स्टे हटाकर रजिस्ट्री कैसे कराई गई और इस खेल में कितने अधिकारी-कर्मचारी और बाहरी लोग शामिल थे।
अक्टूबर 2025 में रायपुररानी के शाहपुर गांव की लगभग 17 एकड़ जमीन (पर्ल ग्रुप से जुड़ी) कथित तौर पर अवैध तरीके से स्टे हटाकर रजिस्ट्री कर दी गई थी। 26 सितंबर 2025 को पंचकूला एसडीएम कार्यालय में स्टे हटाने के लिए आवेदन दिया गया और 16 अक्टूबर 2025 को पहली रजिस्ट्री हुई। इसके कुछ समय बाद जमीन को चार बराबर हिस्सों में बांटकर दूसरी रजिस्ट्री कर दी गई।
मंगलवार को विजिलेंस टीम ने रायपुररानी तहसील और पंचकूला डीसी कार्यालय के रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि पहले बताई गई 17 एकड़ के अलावा लगभग 20 एकड़ अतिरिक्त जमीन की भी जांच की जा रही है। टीम को दो संदिग्ध रजिस्ट्री दस्तावेज भी मिले हैं। इसके अलावा, तहसीलदार सिंगला के कार्यकाल में की गई सभी रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं और भी इसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई।
इसी बीच रायपुररानी तहसील में एक और फर्जी रजिस्ट्री का मामला भी सामने आया है। शिकायत खेड़ी गांव से जुड़ी बताई जा रही है, जिसकी जांच फिलहाल नायब तहसीलदार द्वारा की जा रही है।