जर्जर हालत में मिली गायें, भरपेट नहीं मिल रहा था चारा : गोशाला प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय सेवा ही सेवा संगठन ने अब गोसेवा की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। संगठन ने खड़ग मंगोली में जर्जर हालत में चल रही गोशाला का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह गोशाला पहले जय प्रकाश गिरी की देखरेख में थी, लेकिन संसाधनों की कमी और अकेले प्रयासों के कारण वह इसे ठीक से नहीं चला पा रहे थे।
सेवा ही सेवा संगठन ने कानूनी प्रक्रिया के बाद गोशाला को टेकओवर कर लिया है। गत एक माह से इसका जीर्णोद्धार तेजी से किया जा रहा है। गोशाला की सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत कर इसके हालात में काफी सुधार किया है।
इस गोशाला में पहले करीब 80 गायें थीं, जिनकी हालत बेहद खराब थी। चारे की कमी के कारण गायों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा था। सेवा ही सेवा ने अब पर्याप्त चारे की व्यवस्था की है। साथ ही दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखी गई है। गोमूत्र को संरक्षित करने के लिए विशेष मशीन भी लगाई गई है।
संगठन ने अपनी नई टीम का गठन भी कर लिया है। रमेशचंद्र अग्रवाल को अध्यक्ष, नरेंद्र पाल डाबला को महासचिव और जितेंद्र गर्ग को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। साथ ही पूजा रानी, अजय और केवल अग्रवाल को संगठन का सक्रिय सदस्य बनाया गया है।
रमेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि सेवा ही सेवा का उद्देश्य सिर्फ गायों की सेवा करना ही नहीं है, बल्कि भविष्य में इसे एक आदर्श गोशाला के रूप में विकसित करना भी है। जल्द ही यहां एक आयुर्वेदिक उपचार केंद्र और जैविक खाद निर्माण इकाई भी शुरू की जाएगी।