पंचकूला। शहर के सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में घुटने और कूल्हे के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में इलाज बंद होने और हरियाणा सरकार की ओर से भुगतान न होने के कारण सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ गई है। इससे ऑपरेशन की वेटिंग बढ़ गई है।
अस्पताल की ओपीडी में रोज करीब 200 हड्डी रोगी आते हैं। इनमें तीन मरीज कूल्हे के ऑपरेशन और चार मरीज घुटने के ऑपरेशन के लिए आ रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर सात हो गई है। इन मरीजों को दस से 15 दिन का समय दिया जा रहा है। इसी तरह महीने में पहले करीब 60 मरीज आते थे जिनकी संख्या बढ़कर अब करीब 120 हो गई है। ऑपरेशन की वेटिंग के कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रह है।सरकार ने कूल्हे और घुटने के ऑपरेशन के लिए 90 हजार रुपये का रेट तय किया है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में इसका खर्च दो से ढाई लाख रुपये तक है। भुगतान में देरी के कारण प्राइवेट अस्पताल ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
इलाज के लिए लंबा समय दिया
मेरे घुटने में आठ दिन पहले गंभीर चोट लगी। ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने समय दिया लेकिन अभी तक ऑपरेशन नहीं हुआ। आयुष्मान कार्ड पर ऑपरेशन के लिए बीस दिन का इंतजार बताया गया है। इससे परेशानी हो रही है।
- सिम्मी, बरवाला
कूल्हे के ऑपरेशन में समय लग रहा
मेरा कूल्हे का ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने जांच की, लेकिन सात दिन से इंतजार कर रहे हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज में स्थिति अभी साफ नहीं है। इससे परेशानी हो रही है।
-कुलविंदर सिंह, पंचकूला सेक्टर-4
आयुष्मान कार्ड के माध्यम से ऑपरेशन और इलाज किया जा रहा है। मरीजों की संख्या केवल पंचकूला तक सीमित नहीं अन्य राज्यों से भी मरीज आ रहे हैं। ऑपरेशन में वेटिंग न हो इसके लिए डॉक्टरों को निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6