पंचकूला। मेयर कुलभषण गोयल ने वीरवार को रेवेन्यू रिलाइजेशन कमेटी (राजस्व वसूली समिति) की पहली बैठक बुलाई। बैठक में मेयर ने निगम अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्रोतों से होने वाली निगम की आय की रिकवरी नहीं करने पर नाराजगी जताई। मेयर ने कहा कि केवल टारगेट फिक्स करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि इनको पूरा करना बहुत जरूरी है, तभी शहर के विकास कार्यों के लिए फंड उपलब्ध हो पाएंगे। गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स शहर से एकत्रित होना है, लेकिन अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण केवल 10 से 11 करोड़ रुपये ही एकत्रित हो रहा है, जबकि टारगेट 30 करोड़ रुपये का हर साल रखा जाता है।
राजस्व बढ़ाने का नहीं किया गया प्रयास
मेयर ने कहा कि जिन लोगों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया जा रहा, उनको नोटिस दिए गए हैं। इनकी एक बार सुनवाई करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाए। कुलभूूषण गोयल ने कहा कि अलग-अलग लाइसेंस फीस, विज्ञापन फीस जैसे कई बड़े संसाधन हैं, जिनसे नगर निगम को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है, लेकिन पिछले कई सालों से राजस्व बढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए, जिसके चलते विकास के लिए जरूरी फंड की कमी महसूस हो रही है। गत वर्षों से नगर निगम की तीन बड़ी पार्किंग जिला बाल कल्याण परिषद को दे रखी है। इसका रेवेन्यू भी परिषद को जा रहा है। इसलिए अब इन पार्किंग को निगम के अधीन लेकर रेवेन्यू भी निगम के खाते में लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में कुलभूषण गोयल ने गृहकर, मोबाइल टावर, इस मोबाइल लाइंस, वाईफाई, रिलायंस, एयरटेल एवं अन्य कंपनियों की तारों, शालीमार मॉल के प्रॉपर्टी टैक्स, विज्ञापन पॉलिसी, सामुदायिक केंद्रों के रखरखाव एवं उनसे होने वाली आय, रोड कट फीस, सीएनजी/पीएनलजी लाइंस फीस तुरंत वसूलने के निर्देश दिए।
गड्ढे खुदवाकर भागने वाली कंपनियों की सिक्योरिटी जब्त करें
गोयल ने कहा कि शहर में केबल ऑपरेटर द्वारा तारों का जाल बिछा रखा है, लेकिन फीस एक रुपये निगम के पास जमा नहीं करवाई। इसी तरह विकास शुल्क भी निगम के पास नहीं आ रहे, इस ओर भी अधिकारी ध्यान दें। कमेटी के सदस्य पार्षद जय कौशिक ने कहा कि जितनी भी मोबाइल कंपनियों द्वारा खंभे लगाकर पूरे शहर में तारें बिछाई गई हैं, उन्होंने कोई भी परमिशन नहीं ले रखी। इन कंपनियों को नोटिस देकर जुर्माना लगाया जाए। यह कंपनियां कहीं पर भी गड्ढे खोदकर भाग जाती हैं। कौशिक ने कहा कि जो कंपनियां गड्ढे सही ढंग से नहीं भरती उनकी शिकायत आने पर सिक्योरिटी जब्त की जाए। पार्षद सुरेश वर्मा ने कहा कि मोबाइल कंपनियों द्वारा टावर लगा दिए गए हैं, लेकिन फीस जमा नहीं करवाई गई। इनके कनेक्शन काट देने चाहिए। पार्षद सोनिया सूद ने निगम की आय बढ़ाने के लिए ईवनिंग और नाइट फूड मार्केट जल्द ही विकसित करने की मांग की। पार्षद सुशील गर्ग और संदीप सोही ने भी कहा कि निगम की आय बढ़ने पर फंड आएंगे तभी काम आगे बढ़ सकते हैं। इस अवसर पर उपनिगम आयुक्त दीपक सूरा, अमन ढांडा, सीनियर अकाउंट ऑफिसर धर्मपाल वर्मा, सीनियर टाउन प्लानर स्वाति आनंद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।