पंचकूला। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से सेक्टर-4 स्थित कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बिजली दरों को लेकर उपभोक्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई। सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष पंचकूला में बिजली के दाम चंडीगढ़ के बराबर करने की मांग उठाई।
सुनवाई में सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैय्यर, सचिव नरिंदर शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष केके जिंदल, महासचिव अविनाश मलिक सहित अन्य सदस्य शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने एचईआरसी अध्यक्ष नंदलाल शर्मा के सामने टैरिफ संरचना को लेकर अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे।
एसके नैय्यर ने कहा कि वर्तमान में सभी श्रेणियों के लिए टैरिफ को दो भागों निश्चित शुल्क और परिवर्तनीय शुल्क में बांटा गया है। निश्चित शुल्क लाइसेंसधारी की वास्तविक स्थायी लागत को दर्शाता है, जबकि परिवर्तनीय शुल्क बिजली आपूर्ति की लागत पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ता श्रेणियों पर समान रूप से निश्चित शुल्क लगाया जाना चाहिए ताकि संतुलन बना रहे।
उन्होंने आयोग के वित्तीय वर्ष 2025-26 के टैरिफ आदेश का हवाला देते हुए बताया कि घरेलू आपूर्ति श्रेणी-एक में 2 किलोवाट तक और श्रेणी-दो में 5 किलोवाट तक भार तथा 300 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर कोई निश्चित शुल्क नहीं लगाया गया, जबकि श्रेणी-दो के अन्य उपभोक्ताओं और पूरी श्रेणी-तीन पर अत्यधिक निश्चित शुल्क लगाया गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं में असंतोष पैदा हुआ है।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी श्रेणियों में संतुलित और समान टैरिफ व्यवस्था लागू की जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ न पड़े। आयोग की ओर से सभी सुझावों को रिकॉर्ड में लेकर विचार का भरोसा दिलाया गया।