चंडीगढ़। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे एक ड्रग्स इंस्पेक्टर के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ की अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ड्रग्स इंस्पेक्टर शीशन मित्तल ने अपने परिवार के बैंक खातों में ड्रग्स मनी को जमा कर रखा था, ताकि ड्रग्स तस्करी के जरिये कमाए हुए पैसों की भनक किसी को न लगे। एसटीएफ एडीजीपी नीलाभ किशोर ने बताया कि आरोपी ड्रग्स इंस्पेक्टर शीशन मित्तल ने अकेले अपने माता-पिता के बैंक खाते में 2 करोड़ रुपये की ड्रग्स मनी जमा कराई हुई थी। आरोपी ड्रग्स इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के माता-पिता तक को इसकी भनक नहीं थी। यहां तक कि आरोपी के माता-पिता दो मरले के एक मकान में साधारण जिंदगी बिता रहे थे। आरोपी शीशन मित्तल ने ही अपने माता-पिता के नाम पर बैंक खुलवाकर इनमें ड्रग्स मनी सेव कर रखी थी। एसटीएफ ने आरोपी ड्रग्स इंस्पेक्टर के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत 13 जगहों पर रेड कर 9.31 लाख रुपये नकदी, 260 ग्राम सोना और 515 दिरहम के रूप में विदेशी मुद्रा बरामद की थी।
दो और ड्रग्स इंस्पेक्टरों की भूमिका सामने आई
एसटीएफ की जांच में दो और ड्रग्स इंस्पेक्टरों की भूमिका सामने आई है। अब एसटीएफ इसको लेकर जांच कर रही है। दरअसल एसटीएफ ने जब आरोपी शीशन मित्तल के ठिकानों पर रेड की थी, उन्हें कुछ दस्तावेज बरामद हुए थे, जहां से इन दो अन्य ड्रग्स इंस्पेक्टरों की संलिप्ता संदिग्ध पाई गई है। इस रेड में कुछ अहम दस्तावेज भी बरामद हुए, जिससे यह साबित होता है कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल ने ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क के जरिये कमाए पैसों से चल-अचल संपत्ति बनाई है। इसमें जीरकपुर में दो करोड़ रुपये के फ्लैट, डबवाली में 40 लाख रुपये का एक प्लॉट और अन्य प्राॅपर्टी के दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
24 बैंक खाते फ्रीज, 6.69 करोड़ की ड्रग मनी जमा करा रखी थी
एसटीएफ ने ड्रग इंस्पेक्टर शीशन मित्तल के खिलाफ सबूतों के आधार पर यह रेड की। एसटीएफ एडीजीपी नीलाभ किशोर ने बताया कि ड्रग्स तस्करी और प्रतिबंधित ड्रग्स के नेटवर्क को चलाने से होने वाली कमाई यानी ड्रग मनी को आरोपी इंस्पेक्टर शिशन मित्तल ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी खाते खोलकर उनमें यह पैसा जमा किया था। ऐसे 24 बैंक खातों का फ्रीज किया गया है, जिसमें 6.69 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जमा करा रखी है। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पंजाब और हरियाणा की जेल में बंद कई ड्रग्स तस्करों के संपर्क में था। यहां तक कि वह प्रदेश में गैरकानूनी ढंग से संचालित की जा रही कई फार्मास्युटिकल्स और मेडिकल स्टोरों को ये प्रतिबंधित दवाएं और ड्रग्स मुहैया कराता था।