रामगढ़। आशा वर्कर यूनियन जिला पंचकूला की आम सभा सुमन की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग को सीटू जिला प्रधान रमा, जिला सचिव लच्छी राम शर्मा व आशा वर्कर यूनियन की राज्य महासचिव सुनीता ने संबोधित किया।
राज्य महासचिव सुनीता ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली आशा वर्कर्स को परेशान कर रही है। कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए उन्हें अनावश्यक प्रताड़ित किया जा रहा है। 14 व 15 जून को आशा वर्कर्स यूनियन के राज्य सम्मेलन में पानीपत में सरकार के इस रवैये के विरोध में आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों को खुली छूट दे रही है जबकि सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए जितनी योजनाओं की घोषणा की है वो केवल कागजों तक ही सीमित है। पूरे प्रदेश में किसी पीएचसी पर महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और डिलीवरी होने के समय अगर कोई इमरजेंसी होती है तो उस इमरजेंसी को संभालने के लिए महिला डॉक्टर तक उपलब्ध नहीं है।
ज्यादातर पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन और दवाइयां तक उपलब्ध नहीं है। सरकारी जिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड की मशीन उपलब्ध नहीं है।गर्भवती महिलाओं के लिए गांव स्तर पर सब सेंटर में जरूरी दवाई और एमसीपी कार्ड तक समय पर उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत बनाए। इसके अलावा तमाम अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सरकार अपने अधीन लेकर कार्य करवाए
इस दौरान सीमा, नीलम कविता, मंजू, मुन्नी, कमला बबली, मनजीत, परमजीत समेत पंचकूला की आशा वर्कर्स ने भाग लिया।