चार गोरखपुर से, एक कुरुक्षेत्र और एक को फतेहाबाद से किया काबू
77 युवाओं से हुई ठगी का मामला, पुलिस बोली- फर्जी वेबसाइट हटवाई, ताकि अन्य लोग ठगी से बच सकें
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के तहत होने वाले कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी)-2025 के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी आधिकारिक वेबसाइट https://onetimeregn.haryana.gov.in की तरह दिखने वाली एक फर्जी वेबसाइट से अभ्यर्थियों से ठगी किए जाने पर पंचकूला पुलिस ने यूपी के गोरखपुर और हरियाणा के जिलों में कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में गोरखपुर से साइबर ठग गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं एक आरोपी कुरुक्षेत्र और एक फतेहाबाद से पकड़ा गया है।
किन्हीं कारणों से पुलिस अभी इनके नाम का खुलासा नहीं कर रही है। पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि इस फर्जी वेबसाइट को हाल ही में हॉस्टिंगर डोमेन पर रजिस्टर्ड किया गया था। इसके जरिये अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे वसूले जा रहे थे। जानकारी मिलते ही एचएसएससी के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने बताया कि उनकी शिकायत के बाद पंचकूला के सेक्टर-5 थाने में केस दर्ज किया था। मामले की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी है।
पंचकूला पुलिस की साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले गूगल से फर्जी वेबसाइट को हटवाया, जिससे अन्य अभ्यर्थियों को ठगी से बचाया जा सका। पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तीन टीमें गठित कीं और आरोपियों को काबू किया। इनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है, जिसने फर्जी वेबसाइट का लिंक बनाया था।
77 युवाओं से करीब 22,530 रुपये की हुई थी ठगी
पंचकूला डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि साइबर एक्सपर्ट्स की जांच में स्पष्ट हुआ है कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट से 77 अभ्यर्थियों से करीब 22,530 रुपये की ठगी की थी। इस विषय पर डीसीपी क्राइम अमित दहिया ने युवकों को आगाह करते हुए कहा कि पकड़े लोगों से टीम पूछताछ कर रही है। इनके बैंक खाते, मोबाइल फोन की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी केवल .gov.in डोमेन वाली आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। कोई संदिग्ध लिंक या भुगतान का माध्यम दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर सूचना दें।