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पीजीटी संस्कृत टीचर्स ने नियुक्ति नहीं मिलने पर तीसरे दिन जारी रखा आमरण अनशन

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15 माह बीतने के बाद भी पीजीटी संस्कृत टीचर्स को नियुक्ति नहीं मिली है। इसे लेकर टीचर्स ने मंगलवार को भी तीसरे दिन आमरण अनशन जारी रखा। आमरण अनशन पर भी चार महिला टीचर्स और दो पुरुष टीचर्स बैठे रहे। हालांकि शाम के समय डॉक्टर्स की टीम ने इनके स्वास्थ्य की जांच की। टीचर्स ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। इसकी नियुक्ति नहीं की गई है। सरकार हमारे साथ धोखेबाजी कर रही है।
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चयनित पीजीटी संस्कृत अध्यापक संघ के प्रधान नरेंद्र कौशिक ने बताया कि इसमें 523 अध्यापकों का चयन हुआ है। सरकार की तरफ से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के बाद हर बार केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अभी तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। अगर नियुक्ति नहीं मिलेगी तो इस बार आमरण अनशन अनिश्चितकाल तक के लिए जारी रहेगा। इस मामले में सर्व कर्मचारी संघ की ओर से टीचर्स को समर्थन देकर कहा कि रोजगार मिलने के बाद भी जब लोगों को ज्वाइनिंग नहीं मिलती है तो उन्हें अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा सरकार पर आरोप लगाकर टीचर्स ने कहा कि वह उनके साथ नाइंसाफी कर रहे हैं। केवल झूठे आश्वासन के अलावा आज तक कुछ नहीं किया गया है। इस तरह के हालात में टीचर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संस्कृत में महिला टीचर्स की संख्या अधिक है। सरकार इसलिए ऐसा रवैया अपना रही है। मौजूदा सरकार पांच साल से नियुक्ति देने की बात कह रही है। लेकिन वह बात मीटिंग और आश्वासन के बाद आगे नहीं बढ़ पाती है। हरियाणा में सरकार गीता जयंती मनाकर संस्कृत के महत्व की बात करती है। संस्कृत के केंद्रीय विद्यालय खुलवाने की बात करती है। लेकिन टीचर्स को नियुक्ति देने पर वह आज तक काम नहीं कर पाई है। इस कारण मजबूर होकर आमरण अनशन करना पड़ रहा है। जब तक मांग नहीं मानी जाएगी यह जारी रहेगा।
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