चंडीगढ़। 14 फरवरी, 2024 को अमृतसर में वार्षिक नगर कीर्तन के दौरान पालकी साहिब के सेवकों को घायल करने, ट्रैक्टर से उत्पात और आतंक मचाने सहित गुरुग्रंथ साहिब के अपमान के आरोपियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत से इन्कार कर दिया है। याचिका दाखिल करते हुए गुरभेज सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ गुरुग्रंथ साहिब के अपमान व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोप के अनुसार गुरुद्वारा ताहिल साहिब की ओर से वार्षिक नगर कीर्तन का आयोजन किया गया था। इस दौरान बिना ट्रॉली के किसी को भी ट्रैक्टर चलाने की अनुमति नहीं थी।
याची अपने साथियों के साथ इसमें शामिल हुआ और इस दौरान पालकी साहिब के सामने से कट मार दिया। इस दौरान आरोपियों के पास हथियार मौजूद थे और याची के पास दातर मौजूद थी। पालकी साहिब की सेवा में मौजूद लोगों को चोटें पहुंचाई गई थीं। पंजाब पुलिस ने कहा कि इस घटना से न केवल लोगों के बीच भय का माहौल पैदा किया गया बल्कि साथ ही गुरुग्रंथ साहिब का भी अपमान हुआ।
याची ने कहा कि उसके साथ शिकायतकर्ताओं ने दो दिन पहले मारपीट की थी। इस बारे में उसने पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याची को इस मामले में फंसाया गया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि याची पर बेहद गंभीर आरोप हैं। उससे हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है और ऐसे में उसे अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।