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महेशपुर में फिरनी पर कब्जे का मामला... अधिकारियों की निगरानी में पांच घंटे में पूरी हुई पैमाइश, एडीसी के आदेश पर सेक्टर-21 के गांव पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

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गांव महेशपुर में फिरनी की निशानदेही करते अधिकारी। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। सेक्टर-21 स्थित गांव महेशपुर में सात फुट फिरनी पर कब्जे के मामले को सुलझाने के लिए मंगलवार को एडीसी मोहम्मद इमरान रजा के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल कालका तहसील के तहसीलदार, दो कानून-गो, दो पटवारी, नगर निगम के पटवारी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जेई और पटवारी ने सुबह 11 से लेकर बाद दोपहर तीन बजे तक पूरे गांव की पैमाइश की। अधिकारियों ने पैमाइश कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे वह बुधवार को एडीसी को सौंपेंगे। जब सात फुट फिरनी पर कब्जे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अधिकारिक तौर पर वह अभी जानकारी नहीं दे सकते हैं। लेकिन, पैमाइश के दौरान आरोप साबित होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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गांव महेशपुर में पैमाइश का कार्य पूरा करने पहुंची प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले अंदरूनी सड़क को दो हिस्सों में बांटा। इसके बाद दोनों तरफ की जमीन की पैमाइश की। इस दौरान किसी तरह के विवाद से निपटने के लिए अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात था, जिसमें पुरुष और महिला दोनों ही शामिल थे। अधिकारियों ने गांव में बाहर से पैमाइश के कार्य को पूरा करने के बाद इंडियन होटल के अंदर भी पैमाइश की। इसके बाद सतीश गर्ग के शोरूम और जगदीश भगत सिंह के घर और दुकान की जमीन की पैमाइश की। इससे पहले इस गांव की फिरनी का दो बार पैमाइश हो चुकी है, लेकिन अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में किसी भी तरह का कब्जा नहीं मिला। अब देखना है कि मंगलवार को हुई पैमाइश की रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आता है।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा है मुद्दा
गांव महेशपुर में सात फुट फिरनी पर कब्जे का मामला 26 मई को आयोजित हुई जिला संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक सामने आया था। समिति के चेयरमैन खेलमंत्री संदीप सिंह और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद एडीसी मोहम्मद इमराज रजा ने मामले को सुलझाने के लिए पक्ष और विपक्ष के लोगों को ऑफिस में बुलाकर मीटिंग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों की मांग पर एडीसी ने तीन विभागों के अधिकारियों की एक टीम गठित कर राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक पैमाइश कर छह अगस्त तक रिपोर्टर प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। जिसके तहत मंगलवार को अधिकारियों ने गांव महेशपुर में पैमाइश के कार्य को पूरा किया।
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अधिकारियों ने मुझे सबसे बाद में बुलाया
शिकायतकर्ता सतीश गर्ग ने कहा कि 10 अगस्त को खसरा नंबर-79 गांव महेशपुर की पैमाइश करने का आदेश एडीसी द्वारा दिया गया था। इस आदेश के बाद भी उन्हें मौके पर सबसे बाद में सूचित किया गया। तहसीलदार को जो आदेश एडीसी ने दिया था उसमें सभी पार्टियों से उनकी रजिस्ट्री मांगने को भी कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अधिकारियों ने अपने हिसाब से फीता लगाकर पैमाइश की है, जिसमे फर्क आना आम बात है। बार-बार निवेदन करने पर भी खसरा, फिरनी, गली में अवैध निर्माण पर संज्ञान नहीं लिया गया, जिस कारण सही पैमाइश होना असंभव है। इसके अलावा पैमाइश में तकनीकी खामियां हैं जिस की रिपोर्ट एडीसी को बुधवार को दी जाएगी।
कोर्ट में विचाराधीन है जमीन का विवाद
इंडियन होटल के मालिक चौधरी बलबीर पाल दंदयान का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। वह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यदि कोई फिरनी पर कब्जा साबित कर दे तो उसे वह 10 लाख रुपये का इनाम देंगे। इसके अलावा एक करोड़ रुपया पंचकूला रेडक्रॉस सोसायटी को दान स्वरूप देंगे। जिसे सरकार के प्रतिनिधि किसी भी रूप में खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सतीश गर्ग और संदीप सभ्रवाल के साथ जमीनी विवाद है, जोकि कोर्ट में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर बार-बार इस मामले को कष्ट निवारण समिति की बैठक में लाया जा रहा है, जबकि मामला कोर्ट में होने के कारण कष्ट निवारण समिति की बैठक में आ नहीं सकता है। कब्जे के आरोप की विजिलेंस जांच भी हो चुकी है, इसके अलावा चार बार पहले भी पैमाइश हो चुकी है, जिसमें भी कोई कब्जा नहीं मिला था।
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पैमाइश के मुख्य बिन्दु
1. सन 1952 राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार हुई पैमाइश
2. साक्ष्य के लिए अधिकारियों ने करवाई वीडियोग्राफी
3. विवाद से निपटने के लिए भारी पुलिस बल रहा मौजूद
4. एडीसी ने तीन विभाग के अधिकारियों की बनाई थी टीम
5. महेशपुर में होटल से लेकर दुकान तक की हुई पैमाइश
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