चंडीगढ़। हाईकोर्ट के जजों से सेटिंग की बात कहते हुए केस जिताने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी राम लाल चौधरी की याचिका खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उस पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। राम लाल चौधरी ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि चंडीगढ़ के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल पहले मोहाली में एसएसपी थे। इस दौरान याची के खिलाफ एक शिकायत पहुंची थी कि उसने किसी से ठगी की है।
इस मामले को निपटाने के लिए एसएसपी ने उससे रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद चहल का तबादला तरनतारन हो गया। इसके बाद याचिकाकर्ता के खिलाफ शिकायत को रद्द कर दिया गया। इसके कुछ समय बाद कुलदीप चहल का तबादला दोबारा मोहाली हो गया और याची से फिर से पैसे की डिमांड की गई। अब जब कुलदीप सिंह चहल चंडीगढ़ में आए तो चंडीगढ़ में उनके कहने पर याची के खिलाफ फिर से ठगी की शिकायत दे दी गई और पैसों की डिमांड की गई।
याची ने कहा कि इन शिकायतों की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस ने भी अपना जवाब सौंपा। सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इन शिकायतों से पता चलता है कि याची आदतन लोगों को चपत लगाता आ रहा है। इस मामले में भी याची ने एसएसपी के खिलाफ बेबुनियादी आरोप लगाए हैं। यहां तक कि याची हाईकोर्ट के वर्तमान जजों से सेटिंग का दावा कर लोगों को चपत लगा रहा है। हाईकोर्ट ने याची के इस रवैए पर कड़ा रुख अपनाते हुए याचिका को खारिज करने के साथ ही याची पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।