पंचकूला वासियों के लिए आयकर विभाग ने आय से अधिक अघोषित संपत्ति को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया है। विभाग की इनकम डेक्लेरेशन स्कीम 2016 के तहत घोषित करके 45 प्रतिशत जमा करवाने के लिए उद्यमियों के साथ सोमवार को आयकर भवन पंचकूला सेक्टर-2 में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें आयकर कमिश्नर रचना सिंह ने हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज पंचकूला चैप्टर के साथ बैठक की।
बैठक के दौरान स्कीम से जुड़े कई पहलुओं एवं लेकर लोगों को आ रही शंकाओं के बारे में जानकारी दी गई। बैठक में चैंबर के पंचकूला चेयरमैन विष्णु गोयल, पूर्व प्रधान सतीश गुप्ता, सीबी गोयल और डिप्टी कमिश्नर इनकम टैक्स मनवीत सिंह एवं पंचकूला के सभी आइटीओ मौजूद रहे। कमिश्नर ने कहा कि इस स्कीम के अंतर्गत अगर किसी के पास कोई अघोषित संपत्ति है, जिसका ब्यौरा उन्होंने अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में फाइल नहीं किया तो वह 30 सितंबर तक उससे घोषित करें और 30 नवंबर से पहले टैक्स, सरचार्ज एवं पेनल्टी मिलकर कुल 45 प्रतिशत जमा करवाएं।
बैठक में उद्योगपति एवं चैंबर के चेयरमैन विष्णु गोयल ने पूछा कि अगर किसी के पास अघोषित प्रापर्टी है और वह जानकारी विभाग को देता है, लेकिन उसके पास टैक्स भरने के लिए कैश नहीं है। क्योंकि प्रापर्टी बिक नहीं रही। ऐसे में क्या उससे 30 सितंबर के बाद कोई एक्सटेंशन मिलेगी। इस पर कमिश्नर ने बताया कि टैक्स उन्हें 30 नवंबर से पहले ही जमा करवाना होगा। इसके लिए वह पैसा कहा से लाते हैं, इनकम टैक्स विभाग उसके बारे में उनसे नहीं पूछेगा। सीबी गोयल ने पूछा कि अगर किसी के पास एक लाख रुपये कैश में आता है तो वो 45 प्रतिशत टैक्स जमा करवाने के बाद अपनी बुक्स में 55000 रुपये दिखाए या पूरे एक लाख दिखाए। कई सदस्यों ने सवाल उठाया कि कौन कौन लोग इस स्कीम के दायरे में आते हैं तो इस पर कमिश्नर ने बताया कि हर व्यक्ति जिसके पास पैन कार्ड है इसके दायरे में आता है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि डेक्लेरेशन फॉर्म विभाग को भेजते समय अपना पैन नंबर भी साथ में भेजें, ताकि उसे उनकी रिटर्न से लिंक किया जा सके।