चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अंतरराष्ट्रीय शूटर विश्वजीत श्योराण की एचसीएस पद पर नियुक्ति को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को मानते हुए नियुक्ति दी गई। हमें किसी से द्वेष नहीं है, अगर नियुक्ति को लेकर किसी को शिकायत है तो सुप्रीम कोर्ट जाए। सीएम शून्यकाल में कांग्रेस विधायक किरण चौधरी द्वारा यह मुद्दा उठाने पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति नौकरी लगता है और उस पर विवाद हो जाता है। संबंधित विभाग के फैसला न कर पाने पर वह हाईकोर्ट जाते हैं। यही नहीं, न्याय न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकते हैं। हाईकोर्ट ने नियुक्ति कराने का फैसला दिया तभी विश्वजीत को नियुक्ति दी। हमें उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है।
किरण चौधरी ने सीएम से पूछा कि क्या इस मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील गठबंधन सहयोगी के दबाव में आकर नहीं की। सीएम साहब, मैं आपका बड़ा सम्मान करती हूं, इसलिए जवाब दें। चूंकि, प्रदेश सरकार के हाईकोर्ट में केस हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की स्वीकृति आपने दे दी थी। कानूनी राय में महाधिवक्ता ने उसे हरी झंडी दी। बाद में सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय वापस ले लिया गया। याद रहे कि चर्चित आईएएस अशोक खेमका ने विश्वजीत श्योराण को एचसीएस नियुक्त करने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सीएम मनोहर लाल और मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। उसके बाद सरकार ने विश्वजीत की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। नियुक्ति पर रोक लगने के बाद विश्वजीत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।