चंडीगढ़। विधानसभा में वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल इंगेजमेंट) बिल- 2026 पेश किया। उन्होंने बताया कि यह कानून ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के आउटसोर्स्ड कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही प्रणालीगत समस्याओं को हल करेगा।
पहले चरण में, ये कर्मचारी अब पंजाब सरकार के साथ सालाना सीधे ठेके पर तब्दील होंगे। इससे तीसरे पक्ष के ठेकेदारों द्वारा होने वाली असुरक्षित कामकाजी हालात, अनियमित तनख्वाह और मनमानी कटौतियां समाप्त होंगी। मैनपावर सप्लाई एजेंसियों पर निर्भरता से जनता की सुविधाओं में आने वाली रुकावटों का खतरा भी कम होगा। इस कानून में योग्यता के मापदंड तय किए गए हैं। कर्मचारियों को पांच साल की निरंतर सेवा पूरी करनी होगी। खतरनाक कार्यों के लिए योग्यता की सीमा तीन साल तय की गई है। इनमें उच्च-वोल्टेज बिजली, सफाई, सीवर रख-रखाव और अग्निशमन शामिल हैं। बिल यह भी सुनिश्चित करता है कि तब्दीली के बाद मिलने वाला मेहनताना पहले से कम नहीं होगा और वेज कोड- 2019 के न्यूनतम मजदूरी मापदंडों से नीचे नहीं जाएगा।