पंचकूला। उपभोक्ता फोरम कोर्ट ने स्वीगी पर एमआरपी पर जीएसटी लगाने के कारण 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह से कोर्ट का वक्त जाया नहीं किया जाना चाहिए। जीएसटी पूरी एमआरपी पर नहीं लगाया जा सकता है। ग्राहक के साथ इस तरह की नाइंसाफी स्वीगी नहीं कर सकता है।
सेक्टर-2 निवसी अभिषेक गर्ग ने 4 अगस्त 2018 को स्वीगी से आर्डर कर सेक्टर-9 स्थित लॉ पिनोज पिज्जा से कोक की तीन बोतल और चीज स्टिक्स मंगवाया। उन्हें यह सामान 197 रुपये में मिला था। इसमें स्वीगी ने साढे चार रुपये का जीएसटी लगाया गया था। इस पर अभिषेक गर्ग ने स्वीगी को ई-मेल भेजा कि उन्होंने जीएसटी चार्ज गलत लगाया है। इस पर स्वीगी ने मना कि यह चार्ज उनसे गलत लिए हैं। इसके बाद अभिषेक गर्ग ने पंचकूला उपभोक्ता फोरम में 31 मई 2019 को केस किया। इस पर अदालत में दो साल तक सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद स्वीगी को दोषी करार देते हुए 4.50 रुपये लगाया गया जीएसटी वापस करने के लिए कहा गया और 20000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
उपभोक्ता फोरम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक गर्ग को 4.50 रुपये जीएसटी वापस करने के साथ 10000 रुपये का जुर्माना देने को कहा है। वहीं कोर्ट ने 10000 हजार का अतिरिक्त जुर्माना कोर्ट का वक्त जाया करने पर लगाया है। कोर्ट ने कहा कि स्वीगी की ओर से यह ध्यान रखा जाए कि किसी भी उपभोक्ता को गलत तरीकेे से जीएसटी नहीं लगाया जाए।