फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औचक निरीक्षण : अचानक साकेत अस्पताल पहुंचे राज्यपाल, लिया व्यवस्थाओं का जायजा, कॉरिडोर व शौचालयों में गंदगी पर जताई नाराजगी, सफाई के निर्देश दिए

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। प्लॉट आवंटन मामले को लेकर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और प्रवर्तन निदेशालय के वकील ने कहा कि अभी तक इस मामले में ईडी कोर्ट की ओर से पंचकूला प्लॉट आवंटन के दस्तावेज सौंपे गए हैं। उन्हें पढ़ने में बहुत अधिक कठिनाई हो रही है। वह साफ लिखे नहीं गए हैं। इस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की विशेष अदालत ने पूछा कि पंचकूला प्लॉट आवंटन के मामले के असली दस्तावेज कहां हैं।
विज्ञापन

इस पर सीबीआई की तरफ से पेश वकील ने कहा कि असली दस्तावेज सीबीआई के पास हैं। इस पर सीबीआई को प्रवर्तन निदेशालय की कोर्ट ने निर्देश दिया कि पंचकूला प्लॉट आवंटन के सभी असली दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए जाएं। इस मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी। इस मामले में आरोपी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के वकील पेश हुए। इस मामले में आरोपी आईएएस धर्मपाल सिंह नागल, सुरजीत सिंह, सुभाष चंद्र कंसल, नरेंद्र सिंह सोलंकी, रेनू हुड्डा, नंदिता हुड्डा, मोना बेरी, प्रदीप कुमार, कंवरप्रीत सिंह संधू, डागर कत्याल, डॉ. गणेश दत्त, अमन गुप्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड ओपी दहिया, मनजोत कौर, वाईपीटी एंटरटेनमेंट हाउस प्रा. लिमिटेड के सिद्धार्थ भारद्वाज, भारत भूषण तनेजा, अनुपम सूद सहित सभी लोग अदालत में पेश हुए।
यह है मामला
दायर चार्जशीट के मुताबिक हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य पर आरोप हैं कि उन्होंने 2013 में मुख्यमंत्री रहते अपने परिचितों को 30.34 करोड़ रुपये में 14 औद्योगिक भूखंड गलत तरीके से आवंटित किए थे। आरोप पत्र में चार सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शामिल हैं। ईडी ने हरियाणा सतर्कता ब्यूरो द्वारा एक प्राथमिकी के आधार पर 2015 में जांच शुरू की थी। प्राथमिकी को 2016 में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ईडी को केस जांच के लिए ट्रांसफर किया था।
विज्ञापन

ईडी की तरफ से इस मामले की जांच करने के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित चार आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की 120-बी, 201, 204, 409, 420, 467, 468, 471, 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। फरवरी 2021 में मामले की चार्जशीट फाइल की गई थी। इस मामले में आरोप तय होने को लेकर लगातार वकीलों की तरफ से बहस जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें