संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंचकूला के एडिशनल सेशन जज नीरू कम्बोज कोर्ट ने 72 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सुरेंद्र कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उसने एचएसवीपी के फर्जी खाते से 42.40 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए थे।
सुरेंद्र कुमार की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सरकारी वकील ने तर्क दिया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एचएसवीपी के 72 करोड़ रुपये का गबन किया है। सुरेंद्र कुमार अपराध की आय का प्रत्यक्ष लाभार्थी है और अगर उसे जमानत दी जाती है, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और जांच में बाधा डाल सकता है। कोर्ट ने पाया कि सुरेंद्र कुमार के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और आर्थिक अपराध में उसकी संलिप्तता है। अदालत ने कहा कि सुरेंद्र कुमार को जमानत देने का कोई कारण नहीं है और उसकी जमानत याचिका खारिज की जाती है।
ये है पूरा मामला-
2015 से 2019 के बीच एचएसवीपी के बैंक खाते से बिना किसी विशेष कारण के विभिन्न पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ रुपये निकाले गए थे। मार्च 2023 को एचएसवीपी के तत्कालीन मुख्य लेखा अधिकारी चमन लाल की शिकायत पर आरोपी सुनील बंसल के खिलाफ पंचकूला सेक्टर-7 थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस शिकायत में बताया गया था कि पंजाब नेशनल बैंक की चंडीगढ़ शाखा में एचएसवीपी के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया है। 2015 से 2019 के बीच बैंक खाते से बिना किसी विशेष कारण के विभिन्न पार्टियों के पक्ष में करीब 72 करोड़ रुपये निकाले गए हैं।