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पेड़ों की देखभाल पर विद्यार्थियों को मिलेंगे अतिरिक्त अंक, 75 वर्ष से ज्यादा के पेड़ों के संरक्षकों को मिलेगी पेंशन, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

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पंचकूला। ऑक्सी वन की अवधारणा को बल देकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नई नीति की घोषणा की है। इसके तहत आठवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पौधों की देखभाल और पालन-पोषण करने पर परीक्षा में अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने नेचर कैंप थापली में स्थित पंचकर्म वेलनेस सेंटर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने डिजिटल रूप से नक्षत्र वाटिका, नवग्रह वाटिका और राशि वन, जिसे सामूहिक रूप से अंतरिक्ष वन के नाम से जाना जाता है, की भी आधारशिला रखी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से ही 23 पंचकर्मा केंद्र कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही 24वें केंद्र का भी उद्घाटन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में इस वर्ष के दौरान तीन करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण, पर्यटन पर एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान एक वृत्तचित्र भी चलाया गया जिसमें पंचकूला को एक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए की जा रही विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
संरक्षकों को मिलेगी पेंशन
मुख्यमंत्री ने ऑक्सी वन की अवधारणा को बढ़ावा देने की पहल के तहत 75 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के संरक्षक को 2500 रुपये प्रति वर्ष पेंशन की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकर्मा केंद्र लोगों के लिए एक अनूठी सौगात है। इसे वन विभाग और आयुष विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नक्षत्र वाटिका, राशि वन और सुगंध वाटिका की आधारशिला रखी। इन वाटिकाओं को पंचकूला जिले के गांव मस्जिद वाला के पास जंगलों में विकसित किया जाएगा। दस एकड़ में नक्षत्र वाटिका, पांच-पांच एकड़ में सुगंध और वन राशि का निर्माण किया जाएगा तथा भविष्य में क्षेत्र के विस्तार के और प्रयास किए जाएंगे।
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11 नेचर ट्रेल्स किए हैं विकसित
पंचकूला एकीकृत विकास परियोजना के तहत मोरनी की पहाड़ियों में वन विभाग द्वारा 11 नेचर ट्रेल्स विकसित किए गए हैं। इनमें स्थानीय युवा गाइड के रूप में कार्य करेंगे और स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के बारे में और क्षेत्र के वनस्पतियों और जीवों के बारे में भी बताएंगे। प्रकृति मार्गदर्शकों से संवाद के माध्यम से गांवों के युवकों को नेचर गाइड के तौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रकृति पर्यटन के शिष्टाचार, प्रकृति भ्रमण कैसे करें, चोटों से निपटने, चलने की तकनीक, प्राथमिक चिकित्सा आदि के बारे और मोरनी की वनस्पतियों और जीवों के बारे में सिखाया जा रहा है।
इस मौके पर बच्चों के एक दल को थापली नेचर कैंप से थापली गांव तक एक छोटे ट्रैक के लिए रवाना किया गया। सीएम ने नेचर ट्रेल इको ट्रैक के पहले समूह को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, वन एवं वन्य जीव विभाग जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, डॉ. अमित अग्रवाल, उपायुक्त पंचकूला विनय प्रताप, पीसीसीएफ वीएस तंवर मौजूद रहे।
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