मानसा में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाषण के दौरान रोजगार के लिए प्रदर्शन कर रहे टैट पास बेरोजगार बीएड-ईटीटी अध्यापकों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए भारतीय किसान यूनियन-एकता (डकौंदा) के प्रधान बूटा सिंह बुर्जगिल और महासचिव जगमोहन सिंह पटियाला ने कहा है कि लाठीचार्ज करके संघर्ष को दबाया नहीं जा सकेगा।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव-2017 में ‘घर-घर नौकरी’ का वादा करके सत्ता में आई कांग्रेस अब वादे पूरे करने से भाग रही है। पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह और अब चरणजीत सिंह चन्नी का व्यवहार निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संघर्ष कर रहे लोगों को जोर-जबरदस्ती करके दबाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने और नई भर्तियों को टालने के लिए खाली खजाने का हवाला दे रही है, जबकि अपने विधायकों, मंत्रियों की सुविधा के लिए खजाना भरा हुआ है। उन्होंने पंजाब सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि हक मांग रहे लोगों के संघर्ष को जबरन रोकना हमेशा महंगा पड़ता रहा है। संघर्ष कर रहे लोग रुकेंगे नहीं, बल्कि संघर्ष और तीखा और विशाल हो जाएगा।