चंडीगढ़। हरियाणा में सीएम विंडो की सख्ती से सरकारी फंड में गड़बड़ी करने वालों की प्रवृत्ति में सुधार होने लगा है। ताजा उदाहरण पंचकूला जिले के बाड़ गांव की पूर्व सरपंच ममता राठौर का है।
सीएम विंडो की निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी भूपेश्वर दयाल के अनुसार ममता के खिलाफ गड़बड़ी करने की शिकायत गांव के व्यक्ति जसविंदर सिंह ने पंचकूला के डीसी के पास 22 अप्रैल 2018 में दर्ज करवाई थी। इसे बाद में सीएम विंडो पर अपलोड किया गया। शिकायत की सुनवाई करते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पिंजौर व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी पंचकूला को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि जांच के बाद पूर्व सरपंच को 21 मई 2019 को पहला कारण बताओ नोटिस, 11 जून 2019 को दूसरा तथा 30 अगस्त 2019 को तीसरा नोटिस जारी किया गया। उन्हें 46,405 रुपये की राशि 21 प्रतिशत ब्याज के साथ जमा करने के निर्देश दिए गए, जो कुल 94,975 रुपये बनती है। पुलिस स्टेशन, कालका में बाड़ गांव की पूर्व सरपंच के विरुद्घ खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पिंजौर ने एफआईआर भी दर्ज करवाई। ममता ने स्पष्टीकरण में सीएम विंडो को जानकारी भेजी है कि 94,975 रुपये की रिकवरी तत्कालीन ग्राम सचिव दलबीर सिंह द्वारा बिलों इत्यादि का सही जोड़ न करने के कारण निकली है। ग्राम सचिव की मौत हो चुकी है, इसलिए उनसे पूछा जाना संभव नहीं है। उन्होंने 6 अगस्त को चेक के जरिये ग्राम पंचायत बाड़ के बैंक खाता में 94,975 रुपये की राशि जमा करवा दी है। अनुरोध है कि 18 जुलाई 2018 को सीएम विंडो पर अपलोड शिकायत संख्या 139175 को फाइल कर दिया जाए। भूपेश्वर ने बताया कि पूर्व संरपचों के विरुद्घ गड़बड़ी करने की शिकायतें मिलती रहती हैं। हरियाणा पंचायती राज अधिनियम-1994 के तहत कार्रवाई करने में समय लगता है। कुछ मामले न्यायालय में भी चले जाते हैं।