अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब सरकार के युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत मंगलवार को डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने पटियाला पुलिस लाइन में अत्याधुनिक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान डीजीपी गौरव यादव के साथ स्पेशल डीजीपी एएनटीएफ कुलदीप सिंह और एडीजीपी एएनटीएफ नीलाभ किशोर भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि यह एक अत्याधुनिक दो मंजिला इमारत है, जो 1 करोड़ रुपये की लागत से 6,800 वर्ग फीट में बनी है। यह नशा तस्करी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीकी उपकरणों से लैस है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह सुविधा नवीनतम फोरेंसिक उपकरणों, डेटा विश्लेषण प्रणालियों, फोरेंसिक डेटा और क्रिप्टो करेंसी जांच उपकरणों से लैस है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा की प्रभावशीलता को और बढ़ाने के लिए कुशल तकनीकी विशेषज्ञों की एक समर्पित टीम तैनात की जा रही है, ताकि किसी भी तरह का आपराधिक नेटवर्क पंजाब में अपना सिर उठाने की हिम्मत न कर सके।
त्वरित प्रतिक्रिया और परिचालन गतिशीलता को बढ़ाने के लिए यूनिट को नए वाहन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि निर्णायक कार्रवाई तुरंत और प्रभावी ढंग से की जा सके। एएनटीएफ भवन का उद्घाटन करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए डीजीपी ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को एक बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि यह अभियान राज्य में नशे के पूर्ण खात्मे तक जारी रहेगा। डीजीपी ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए 12 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था, जबकि इस वर्ष यह अनुदान बढ़ाकर 13.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल एएनटीएफ के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने और बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
डीजीपी ने कहा कि सुरक्षित पंजाब व्हाट्सएप चैटबोट पोर्टल- 9779100200- एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर नशा तस्करों और नशे के आदी लोगों के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है, जिसके कारण इसे लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली है और वे इस पर अपने सुझाव भी दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर प्राप्त 7635 मामलों में से 1596 में एफआईआर दर्ज की गई है तथा 1814 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के परिणामों को साझा करते हुए डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने 1 मार्च 2025 से अब तक 8,960 एफआईआर दर्ज की हैं तथा 15,272 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 603 किलोग्राम हेरोइन, 249 किलोग्राम अफीम, 14 टन चूरा पोस्त, 9 किलोग्राम चरस, 262 किलोग्राम गांजा, 2.5 किलोग्राम आईसीई, 1.6 किलोग्राम कोकीन, 26.28 लाख नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 10.81 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही 144 नशा तस्करों की 74.27 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति भी जब्त की गई है।
उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता का श्रेय लोगों को है क्योंकि 19559 ग्राम सुरक्षा समितियों ने संबंधित अधिकारियों को सक्रिय रूप से सहयोग दिया है। डीजीपी ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान का समर्थन जारी रखें और सुरक्षित पंजाब चैटबोट 9779100200 पर गोपनीय रूप से नशे से जुड़ी जानकारी दें।