प्रदेश में जल्द 210 खेल नर्सरियां बनाई जाएंगी। इसकी जानकारी राज्यमंत्री और पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में उड़ान 2016 कार्यक्रम के तहत खेल एवं शारीरिक व्यायाम मूल्यांकन और विकास टेस्ट के लिए, स्वर्ण जयंती खेल नर्सरी स्थापित करने के लिए शिक्षण संस्थाओं से आवेदन मांगे गए हैं। जिसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई है। ये आवेदन खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के कार्यालय में जमा किए जाएंगे। जो खेल नर्सरियां बनाई जानी हैं, उनमें हाकी, फुटबाल, वालीबाल, एथलेटिक्स व तैराकी शामिल हैं। प्रदेश के प्रत्येक जिले में पांच-पांच स्वर्ण जयंती खेल नर्सरियां बनाई जाएंगी। जिनमें पांच नर्सरी लड़कों के लिए और पांच लड़कियों के लिए शामिल हैं।
टेस्ट में पास 25 विद्यार्थियों का खेल नर्सरी में होगा दाखिला
जिन शिक्षण संस्थाओं में स्वर्ण जयंती खेल नर्सरी बनाई जाएगी। उन्हें जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी की निगरानी में उड़ान टेस्ट आयोजित करवाने होंगे। टेस्ट में जिले के 8 से 14 वर्ष आयुवर्ग के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इनमें चयनित 25 विद्यार्थियों की पढ़ाई का प्रबंध उन संस्थाओं में होगा जहां स्वर्ण जयंती खेेल नर्सरी स्थापित होंगी। चयनित शिक्षण संस्थाओं द्वारा संबंधित खेलों के उन अन्य छात्रों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा जो उस खेल में रुचि रखते हैं।
खेल नर्सरी के आवेदन के लिए मैदान की सुविधा होनी चाहिए
जिस संस्था में कम से कम सेकेंडरी तक शैक्षणिक सुविधा होगी, वहीं खेल नर्सरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा मैदान की सुविधा भी होनी चाहिए।
20 दिन प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पर मिलेगी छात्रवृति
विधायक ने बताया कि खिलाड़ियों को हर माह 1500 रुपये छात्रवृति और आहार भत्ता मिलेगा। कोच लगाने के लिए 15 हजार रुपये मासिक अनुबंध भत्ता दिया जाएगा। एक लाख 20 हजार रुपये उपकरण एवं मैदान के रखरखाव आदि के लिए मिलेगा। इसका लाभ लेने के लिए उड़ान 2016 के सफल खिलाड़ियों को हर माह कम से कम 20 दिन का प्रशिक्षण सत्र में भाग लेना अनिवार्य होगा। तभी छात्रवृति व आहार भत्ता के वे हकदार होंगे।