चंडीगढ़। मधुबन फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर दाखिल उप निदेशक की याचिका का पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि वह याची द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर निर्णय ले।
याचिकाकर्ता अनीता कादियान ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया कि वह 2004 में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में नियुक्त हुईं थीं। 2010 में उन्हें सहायक निदेशक बनाया गया और 2016 में उप निदेशक के तौर पर वे पदोन्नत हुईं। याची ने बताया कि 1 फरवरी, 2020 को लैब निदेशक राजेश सोनी के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद पदोन्नति के आधार पर भरने के स्थान पर यह जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी को सौंप दी गई।
याची ने कहा कि निदेशक पद के लिए जो भी योग्यता मानक हैं वे इन सभी पर खरी उतरतीं हैं फिर भी यह पद आईपीएस को दे दिया गया। याची ने इस पद पर नियुक्ति के लिए मांगपत्र भी दिया था, लेकिन इसपर कोई निर्णय नहीं लिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब में हरियाणा सरकार ने बताया कि याची ने जो मांगपत्र दिया था उस पर अपील के रूप से सुनवाई आरंभ कर दी गई है। हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।