पंचकूला। लोगों की सुविधा के लिए जगह-जगह बनाए सुलभ शौचालय शहर की स्वच्छता और सुंदरता पर काला दाग लगा रहे हैं। शौचालय में अव्यवस्था का आलम होने से लोग भी इनका प्रयोग करने से गुरेज कर रहे हैं। वर्तमान में हालात ये हैं कि किसी शौचालय का दरवाजा तो किसी की टंकी ही गायब है, जबकि नगर निगम सुलभ शौचालय की देखरेख करने वाली एजेंसी को प्रतिमाह लाखों रुपये का भुगतान कर रहा है। इसके बाद भी हालात बदतर हैं। ऐसी स्थिति में शहर की स्वच्छता रैंकिंग में कैसे सुधार होगी आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं। कुछ स्थान पर शौचालय पर लगी टंकी में पानी भरने वाली पाइप से लोग प्लास्टिक की कैनी में पानी भरते हैं।
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और पंचकूला नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल शहरवासियों को हर समारोह में स्वच्छ और सुंदर शहर का सपना दिखाते हैं, जोकि पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। नगर निगम ने शहरवासियों की सुविधा के लिए पंचकूला क्षेत्र में कुल 43 शौचालय बनवाए हैं। सात शौचालय कालका और तीन पिंजौर में बने हैं। इसके अलावा कई जगह वार्ड नंबर-7 के अंतर्गत आने वाली इंदिरा कॉलोनी बुढ़नपुर नाले के पास मोबाइल शौचालय भी रखवाए हैं। न तो मोबाइल और सुलभ शौचालय में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। यही हालत सेक्टर के अंदर मार्केट में बने शौचालय की है। इनकी स्थिति यह है कि बारिश होने पर पानी छत से टपकता है।
एक शौचालय का निगम देता है 15 हजार
नगर निगम सुलभ शौचालय की साफ-सफाई और मेंटेनेंस के लिए एजेंसी को एक शौचालय के लिए प्रतिमाह 15 हजार रुपये का भुगतान करता है। इस तरह 53 शौचालय की सफाई के लिए प्रतिमाह एजेंसी के पास 7 लाख 95 हजार रुपये जाता है। एजेंसी को निगम ने चार साल का टेंडर दे रखा है, जोकि नवंबर माह में पूरा हो रहा है। 44 माह में एजेंसी के पास करीब 34 करोड़ 9 लाख 80 हजार रुपये जा चुके हैं। जबकि, मार्केट के अंदर बने शौचालय की मेंटेनेंस के लिए एजेंसी को निगम अलग से भुगतान करता है। निगम अधिकारियों की मानें तो करीब 30 लाख रुपये एजेंसी के पास एडवांस हैं। इसके बाद भी सफाई को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं।
निगम के अधिकारी नहीं उठाते हैं फोन
वार्ड नंबर सात की पार्षद उषा रानी ने बताया कि शौचालय की सफाई और मेंटेनेंस के लिए कई बार नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को फोन किया, लेकिन एक बार भी अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि जब निगम अधिकारी जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाते हैं तो वह जनता की समस्याओं को हल करने के लिए कितना गंभीर हैं इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल शौचालय में पानी का प्रबंध नहीं है। सफाई करने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आता है। जिसके चलते लोग प्रयोग करने से गुरेज करते हैं। उन्होंने कहा कि इस शौचालय को हटाकर यहां सफाई करवाने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन आजतक कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदगी के चलते बदबू और बीमारी फैलने का खतरा है।
एजेंसी का टेंडर रद्द करने का हो चुका है फैसला: मेयर
पंचकूला नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल का कहना है कि उनके संज्ञान में भी ये मामला आ चुका है। सुलभ शौचालय की साफ-सफाई और मेंटेनेंस कार्य देखने वाली एजेंसी का टेंडर रद्द करने का फैसला हाउस की मीटिंग में हो चुका है। नंबर महीने तक एजेंसी का टेंडर है। सरकार ने भी एजेंसी को नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने इस कार्य के लिए नया टेंडर लगाने के लिए भी कहा है। फाइनेंस एंड कान्ट्रैक्ट कमेटी की मीटिंग में भी यह मुद्दा उठ चुका है। एजेंसी के पास करीब 44 लाख रुपये एडवांस जमा है। एजेंसी ने जहां भी मेंटेनेंस कार्य का हवाला दिया उसे चेक किया गया तो वहां कुछ नहीं मिला, जिसके चलते सिविल विभाग ने बिल रोक दिया था, लेकिन उन्होंने बिल जारी करने का आदेश दे दिया है।