चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने खेल फंड के प्रयोग के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत तय मानकों पर ही खेल फंड को खर्च किया जा सकेगा। फंड के खर्च करने के लिए खेल प्रमुख को 60 हजार, जिला शिक्षा अधिकारी को एक लाख और विभाग प्रमुख को पूरे फंड प्रयोग करने के अधिकार दिए गए हैं। फंड खर्च करने के लिए स्कूलों में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि ये फंड खेल के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रयोग में लाए जाने हैं। खेल के मैदानों के निर्माण और खेल का सामान खरीदने के लिए स्कूलों को पांच सदस्यीय कमेटी गठित करनी होगी। कमेटी में एक स्कूल प्रमुख, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियां (एसएमसी) के दो सदस्य और स्कूल अध्यापकों में से दो सदस्य लेने की व्यवस्था की गई है। जिस स्कूल में खेल से संबंधित अध्यापक कार्यरत है, उसे कमेटी में शामिल करने को यकीनी बनाने के लिए भी कहा गया है।
खेल मैदान तैयार करने के लिए जिले के जेई द्वारा अनुमान तैयार करवाने और इसके बाद ई-टेंडरिंग द्वारा अलग-अलग ठेकेदारों, फर्मों से टेंडर प्राप्त करके खेल के मैदान विकसित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
इन सभी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए विभाग के अधिकारियों की टीमें समय-समय पर स्कूलों का दौरा करेंगी। खेल के मैदानों की तैयारी के काम पर नजर रखने और खेल के सामान की खरीद के समय जिला शिक्षा अधिकारी, डीएम स्पोर्ट्स, बीएम स्पोर्ट्स को स्कूल का दौरा करने के लिए कहा गया है। नियमों के अनुसार काम न करने वालों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई है।