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Panchkula News: सोमपाल स्वीट्स के मालिक निखिल गोयल को एक साल की सजा

Tue, 15 Apr 2025 01:11 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
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चंडीमंदिर थाना पुलिस ने पत्रकार से मारपीट मामले में 2019 में किया था मामला दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पत्रकार से मारपीट करने के मामले में जिला अदालत ने सेक्टर-25 सोमपाल स्वीट्स के मालिक को एक-एक साल की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान निखिल गोयल निवासी रामगढ़ के रूप में हुई है। दोषी ने एक अखबार के पत्रकार संत अरोड़ा के साथ मारपीट की थी। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने निखिल के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था।

पत्रकार संत अरोड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह फोटो जर्नलिस्ट है। 5 फरवरी 2019 को दोपहर दो से ढाई बजे के करीब उन्होंने सेक्टर-25 न्यू गोयल स्वीट्स की दुकान से दो समोसे और वेरका दही की डिब्बी ली थी। दही की डिब्बी पर 16 रुपए प्रिंट था लेकिन दुकानदार ने 18 रुपये काट लिए। जब उन्होंने एमआरपी से ज्यादा पैसे लेने का कारण पूछा तो वह बोला कि हम तो इतने का ही देंगे लेना है तो लो नहीं तो दुकान से बाहर निकल जाओ। उन्होंने दही के 18 रुपये देकर नौकर से पूछा कि यहां दही महंगी क्यों है, जब वह जवाब दे रहा था तो उसने वीडियो भी बनाई और दुकानदार के नौकर ने बताया कि घग्गर पार दही का रेट यही है।
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जान से मारने की दी थी धमकी
उन्होंने बताया कि इसके बाद जब दुकान से बाहर आकर मोटरसाइकिल स्टार्ट कर रहा था तो दुकानदार भागकर बाहर आया और गले से पकड़ कर मां बहन की गालियां देने लगा। दुकानदार ने गाली देते हुए उनके बाल पकड़कर मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पुलिस को फोन किया तो वह कहता जिस मर्जी बुला ले किसी से नहीं डरता। इसके बाद जब वह दुकान की फोटो खींचने लगा तो दुकानदार ने कैमरा छीनने की कोशिश की। इस मामले में पत्रकारों ने चंडीमंदिर थाने के बाहर कई दिनों तक धरना दिया था। पुलिस ने जांच के बाद दुकानदार निखिल के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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अदालत ने कहा -ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक


दोषी निखिल ने सजा पर रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि वह विवाहित है। उसकी पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता उसके साथ रहते हैं, उनकी देखभाल की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। दोषी के वकील ने अदालत में दलील दी कि वह प्रथम अपराधी है, इसलिए उसके प्रति न्यायालय को उदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषी किसी भी प्रकार की नरमी का हकदार नहीं है और ऐसे मामलों में कठोर दंड दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज को एक सख्त संदेश दिया जा सके।
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