पंचकूला। मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने निकले सामाजिक चिकित्सक महासंघ ने मंगलवार को पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर हाउसिंग बोर्ड पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदेशभर से पहुंचे सामाजिक चिकित्सक महासंघ के सदस्य सुबह सेक्टर-5 धरनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद विधानसभा घेराव करने को निकले। हाउसिंग बोर्ड चौक से पहले ही प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। शाम को अधिकारियों ने सामाजिक चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने करवाई।
उन्होंने आंदोलनकारियों को सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई रोकने के अलावा अगले 15 दिन में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सामाजिक चिकित्सकों अपना धरना समाप्त किया। प्रतिनिधिमंडल में शामिल डॉ. सुभाष सैनी, डॉ. बलबीर कौशिक, डॉ. सुरेश शर्मा और डॉ. प्रमेंद्र ने बताया कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सीएम फ्लाइंग छापा मारकर उनको परेशान कर रही है। इसके अलावा उन पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि उनको सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई रोकने का आश्वास दिया गया है। इसके अलावा जल्द सीएम से उनकी मुलाकात करवाई जाएगी। प्रदर्शन का नेतृत्व डॉ. सुभाष सैनी ने किया।
सामाजिक चिकित्सक महासंघ की यह हैं मुख्य मांगें
- मेडिकल प्रैक्टिशनर का सूचीकरण करने व उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस किया जाए। छापे की कार्रवाई को बंद किया जाए।
- 2017 में प्रदेश भर के मेडिकल प्रैक्टिशनर के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया था कि उनको ट्रेनिंग देकर प्राथमिक उपचार की अनुमति प्रदान की जाएगी व चिकित्सकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
- हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार बोर्ड का गठन भी किया था, लेकिन उपरोक्त बोर्ड ने (आरएमपी) मेडिकल मेडिकल प्रैक्टिशनर के हित में कोई कार्य नहीं किया और ना ही दर्ज मामले वापस लिए गए।
- करोना काल के दौरान चिकित्सक (आरएमपी) ने प्रदेश की जनता को घर-घर जाकर प्राथमिक उपचार व जागरूक करने का कार्य किया था। वहीं दूसरी तरफ राज्य का स्वास्थ्य विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की तरफ से हर रोज फर्जी शिकायतों के आधार पर मेडिकल प्रैक्टिशनर पर छापा मारा जा रहा है, जिसको तुरंत प्रभाव से रोका जाए।
- अगर किसी की कोई शिकायत हो तो उसे नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। वर्ष-2004 में हरियाणा विधानसभा में पारित विधेयक स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार बोर्ड में संशोधन करके मेडिकल प्रैक्टिशनर को प्राथमिक उपचार करने की अनुमति प्रदान की जाए।
- स्वास्थ्य देखरेख कर्मकार बोर्ड का गठन (आरएमपी) यूनियन की सहमति से किया जाए। समाज के हित में बोर्ड कार्य कर सके, बोर्ड के गठन के तुरंत बाद मेडिकल प्रैक्टिशनर का सूचीकरण करके ट्रेनिंग व टेस्ट की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस प्रदर्शन में डॉक्टर सुभाष सैनी राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. बलबीर कौशिक राज्य संगठन सचिव और डॉ. सुरेश शर्मा प्रदेश अध्यक्ष सामाजिक चिकित्सक महासंघ शामिल थे।