फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: पढ़ाई के लिए रूस गया था सिमरजीत, सेना ने थमाई बंदूक

Tue, 16 Sep 2025 10:13 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

लुधियाना। लगभग दो महीने पहले पढ़ाई और काम करने रूस गया लुधियाना का 21 समरजीत सिंह यूक्रेन-रूस युद्ध के मैदान में फंस गय है। परिवार का आरोप है कि बेटे को धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर मोर्चे पर भेज दिया गया है। समरजीत के पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से अपील की है कि उनके बेटे की सकुशल वापसी करवाई जाए।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें समरजीत सिंह समेत पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई युवक दिखाई दे रहे हैं। सभी रूसी सेना की वर्दी में हैं और भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। नौजवानों ने कहा कि उन्हें धोखे से रूसी सेना ने युद्ध में झोंक दिया है। खाना-पानी तक पर्याप्त नहीं दिया जा रहा और उनकी हालत बेहद खराब है।
विज्ञापन
विज्ञापन

समरजीत सिंह के पिता चरनजीत सिंह मोहल्ला अमरपुरी, डाबा गांव में एक करियाना की दुकान चलाते हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई और काम के लिए जुलाई में मॉस्को गया था। वहां धोखे से उसे हथियार थमा दिए गए और सेना में भर्ती कर लिया गया। समरजीत ने 15 दिन पहले फोन कर बताया था कि उसे डॉक्टर के सहायक के रूप में रूसी सेना में काम करना होगा। अब पिछले एक हफ्ते से हमारा उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। दस लाख रुपये कर्ज लेकर और जमीन गिरवी रख बेटे को विदेश भेजा था। चरनजीत का कहना है कि वीडियो में समरजीत के साथ कूटा सिंह नामयुवक भी है, जो पंजाब का ही रहने वाला है। उनका कहना है कि वे कुल नौ लोग हैं जिन्हें धोखे से युद्ध में उतार दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें