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एसएलसी प्रकरण में बजट स्कूलों को राहत देने के संकेत

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चंडीगढ़। हरियाणा में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) की बाध्यता खत्म करने का मामला तूल पकड़ रहा है। सरकार इस संबंध में बजट स्कूलों को राहत दे सकती है। यह संकेत बुधवार को सूबे के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिया। मामले में सरकार ने शुक्रवार को दोबारा बैठक बुलाई है, जिसमें निजी स्कूल संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
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हाल ही में सरकार ने निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल में दाखिला लेने के लिए एसएलसी की बाध्यता खत्म कर दी थी। इसके बाद चौतरफा विरोध शुरू हो गया। सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की तैयारी शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामले में बजट स्कूल खासकर ग्रामीण इलाकों के जो स्कूल हैं वो प्रभावित हो रहे हैं। बड़े और मोटी फीस लेने वाले निजी स्कूलों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। निजी स्कूलों ने कहा है कि उनकी फीस समेत कई ड्यूज छात्रों पर बकाया हैं। ऐसे में बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में दाखिले से उन्हें काफी नुकसान होगा। याद रहे कि एसएलसी की बाध्यता खत्म करने के बाद से प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू व नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस (निसा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा फैसले का विरोध करते आ रहे हैं। निसा ने हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई हुई है।
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फाइनल इयर के छात्रों को परीक्षा से छूट देने का फैसला दबाव में नही : शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री ने ने कहा कि विश्वविद्यालयों में अब फाइनल इयर के छात्रों को परीक्षा नहीं देनी होगी। कंवरपाल ने कहा ये फैसला किसी दबाव में नही लिया गया गया है, सारे हमारे बच्चे हैं। फिर भी अगर कोई छात्र परीक्षा देना चाहेगा तो उसको मौका दिया जाएगा।
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