अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व मुख्य ग्रंथी ज्ञानी भगवान सिंह की आत्मिक शांति के लिए शनिवार को गुरुद्वारा संगराना साहिब में समागम का आयोजन किया गया। समागम में श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी साहिब ज्ञानी जगतार सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर व अन्य पंथक शख्सीयतों ने हाजिरी भरी। इससे पहले ज्ञानी भगवान सिंह की आत्मिक शांति के लिए रखे गए श्री अखंड पाठ साहिब के भोग उनके गृह निवास पर डाले गए।
गुरुद्वारा संगराना साहिब में अंतिम अरदास के मौके पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थों ने गुरु का गुणगान किया। इस अवसर पर मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने ज्ञानी भगवान की ओर से निभाई गई सेवाओं की सराहना की। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि भगवान सिंह का जीवन बेहद सादा रहा। ऐसी शख्सीयतों के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है।
अंतिम अरदास समागम में पहुंची एसजीपीसी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने कहा कि ज्ञानी भगवान सिंह ने पंथ की सेवाओं को बखूबी से निभाया। उन्होंने कमेटी की ओर से ज्ञानी के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान करते हुए कहा कि कमेटी ज्ञानी भगवान सिंह के पौत्र और पौत्रियों की पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी। इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भी संबोधित किया और ज्ञानी भगवान सिंह के बेटे भाई परमिंदर सिंह को दस्तारें भेंट कीं।